बुधवार, 30 दिसंबर 2009

झारखंड - मोबाइल के झरोखों से


दशम झरना





हुंडरू झरने पर लकड़ी से बने सजावटी समान को बेचते आदिवासी












गिरीडीह की एक शाम - टूंडी जंगल




रांची चाईबासा मुख्य मार्ग पर पंचघाग का मजा लेता मैं
पंचघाग यानि पांच नदियों का संगम , चौदह किमी के दायरे में फैला




हिरानी जलप्रपात ( रांची चाईबासा मुख्य मार्ग पर )


1 टिप्पणी:

Udan Tashtari ने कहा…

बढ़िया तस्वीरें!!


मुझसे किसी ने पूछा
तुम सबको टिप्पणियाँ देते रहते हो,
तुम्हें क्या मिलता है..
मैंने हंस कर कहा:
देना लेना तो व्यापार है..
जो देकर कुछ न मांगे
वो ही तो प्यार हैं.


नव वर्ष की बहुत बधाई एवं हार्दिक शुभकामनाएँ.