चित्रदुर्ग: देश में बने सबसे बड़े मानव रहित विमान ड्रोन तापस 201 (रूस्तम-2) ने बुधवार को
पहली बार सफलतापूर्वक उड़ान भरी। डीआरडीओ के बनाए गए इस ड्रोन का परीक्षण कर्नाटक
के बंगलौर से 250 किलोमीटर दूर मानवरहित
यानों और मानवविमानों के परीक्षण के लिए नवविकसित उड़ान परीक्षण स्थल चित्रदुर्ग
में किया गया। इससे मानवरहित
वायुयान के भारत के विकास कार्यक्रम को प्रोत्साहन मिला है।
ये टोही व निगरानी क्षमता के साथ-साथ लक्ष्य पर सटीक मार
करने में भी सक्षम है और इसकी रेंज करीब 250 किलोमीटर है। सिंथेटिक अपर्चर राडार होने के कारण ये
बादलों के पार भी देख सकता है। इतना ही नहीं, 30 हजार फीट पर आसानी से ऊंचाई पर उड़ान भर सकता है।
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| Photo Courtesy: DRDO |
रुस्तम-2 का डिजाइन और विकास डीआरडीओ की बेंगलुरु की प्रयोगशाला एयरोनॉटिकल डेवलपमेंट एस्टैब्लिशमेंट और एचएएल-बीईएल ने मिलकर किया है। सशस्त्र बलों के पायलटों के सहयोग से डीआरडीओ के युवा वैज्ञानिकों की एक टीम ने इसका परीक्षण किया।
ये दुश्मनों के इलाके में घुसकर टोह लेने, निगरानी रखने और
लक्ष्य की पहचान करने उस पर हमला करने में भी सक्षम है। ये 500 किलोमीटर घंटे
प्रति घंटे की रफ्तार से उड़ान तो भरेगा ही, साथ ही दुश्मन की नजर से भी बचा रहेगा। वजह है इसमें ऐसे
सिस्टम लगे है जो दुश्मन की पकड़ में नही आएंगे। ये दिन के साथ-साथ रात में अपना
काम कर सकता है। इसमें करीब वे सारी खूबियां हैं जो एक छोटे टोही विमान में होती
हैं।

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