गुरुवार, 29 सितंबर 2016

एक घंटे के स्ट्राइक में आतंकियों के 8 कैंप उड़ाए गए, 38 आतंकी मारे गए : सूत्र

नई दिल्ली उड़ी हमले को लेकर भारत की ओर नियंत्रण रेखा के नज़दीक पाकिस्तान के कब्जे वाले इलाकों में किए गए सर्जिकल स्ट्राइक में आतंकियों के आठ कैंपों को उड़ाते हुए भारतीय सेना के स्पेशल आर्म्ड फोर्सेज ने 38 आतंकवादियों को मौत के घाट उतार दिया। सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक एक घंटे के इस सर्जिकल स्ट्राइक में एलओसी के निकट पांच सौ मीटर से लेकर दो किलोमीटर तक फैले आतंकियों के आठ कैंपों को स्पेशल आर्म्ड फोर्सेज के पैराट्रुपर्स ने निशाना बनाया जिसमें कम से कम 38 आतंकियों के मारे जाने की सूचना है। हालांकि सैन्य अभियान के महानिदेशक (DGMO) लेफ्टिनेंट जनरल रणवीर सिंह ने गुरूवार को किए प्रेस कांफ्रेस में इस बात की जानकारी नहीं दी कि इस अभियान में कितने आतंकी मारे गए हैं।
उधर पाकिस्तान मिलिट्री ने इस तरह के किसी भी अभियान का खंडन करते हुए कहा है कि सीमा पार से निरंतर हो रही गोलीबारी में पाकिस्तानी सेना के दो जवान मारे गए हैं जबकि नौ घायल हो गए हैं। पाकिस्तान की इंटर सर्विसेज़ पब्लिक रिलेशन ने भारत के सर्जिकल स्ट्राइक के दावों को खारिज करते हुए दावा किया है कि सर्जिकल स्ट्राइक का भारत का दावा दरअसल भ्रम फैलाने की कोशिश है।
इससे पहले सैन्य अभियान के महानिदेशक (DGMO) लेफ्टिनेंट जनरल रणवीर सिंह ने गुरूवार को प्रेस कांफ्रेस में बताया, कल बहुत ही विश्वस्त औऱ पक्की जानकारी मिली कि कुछ आतंकी नियंत्रण रेखा के पास स्थित लांचपैड्स पर इकठ्ठे हुए हैं। उनका मकसद भारत में घुसपैठ करके आतंकी हमले करना था। भारत ने उन लांचपैड्स पर सर्जिकल स्ट्राइक किया। इस स्ट्राइक का मकसद आतंकियों के नापाक मंसूबों को नाकाम करना था। इन हमलों के दौरान आतंकियों और उनके समर्थकों को भारी नुकसान हुआ है। कईयों को मार गिराया गया। मैंने पाकिस्तान डीजीएमओ से संपर्क करके उनको अपनी चिंताएं बताई और मामले की जानकारी दी। ये हम बिल्कुल गवारा नहीं करेंगे कि आतंकी हमारे देश पर किसी तरह का हमला कर सकें

जानकारी के मुताबिक, पाकिस्तान के इलाके में की गई इस सर्जिकल स्ट्राइक में किसी भी भारतीय जवान को नुकसान नहीं पहुंचा है। डीजीएमओ ने कहा, यह बेहद चिंता का विषय है कि एलओसी पर आतंकियों ने कई बार घुसपैठ की कोशिश की। यह पुंछ और उड़ी में 11 और 18 सितंबर को हुए आतंकी हमलों से जाहिर होता है। डीजीएमओ ने भारतीय सेना की तारीफ करते हुए कहा कि उनकी ही कोशिशों की वजह से ऐसी कई कोशिशों को नाकाम किया जा सका। डायरेक्टर जनरल ऑफ मिलिट्री ऑपरेशन लेफ्टिनेंट जनरल ने कहा कि वे उम्मीद करता है कि पाकिस्तान इस मामले में भारत का समर्थन करेगा। इसके साथ ही रनवीर सिंह ने साफ किया कि इस सर्जिकल स्ट्राइक का मकसद आतंकियों को नुकसान पहुंचाना था और अब इसे हम आगे नहीं बढ़ाना चाहते हैं.

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