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| Pic Courtesy : DPR |
क्यों खास है अग्नि 5-
• पाकिस्तान, अफगानिस्तान, इराक, ईरान और इटली समेत करीब आधा यूरोप इसकी जद में
• चीन, रूस, मलेशिया, इंडोनेशिया, फिलीपींस तक निशाना लगाने की क्षमता
• भारत की सबसे मारक मिसाइल का सफल परीक्षण, चीन-पाकिस्तान तक मारक क्षमता
• 5000 किलोमीटर से ज्यादा दूरी तक लक्ष्य भेदने में सक्षम
• 1000 किलो तक वारहेड ले जाने में सक्षम
• 85 फीसदी स्वदेशी तकनीक का इस्तेमाल
• 20 मिनट में लक्ष्य पर हिट कर सकती है
• अग्नि सीरीज की सबसे आधुनिक मिसाइल
• तीन चरणों और सतह से सतह तक मार करने में सक्षम
• नेवीगेशन, गाइडेंस, वारहेड और इंजन से जुड़ी नई तकनीकें शामिल
• मिसाइल को आसानी से डिटेक्ट करना मुश्किल
• मिसाइल में रिंग लेजर गायरो बेस्ड इनरशियल नेविगेशन सिस्टम (RINS) और माइक्रो नेविगेशन सिस्टम (MINS) टेक्नीक का इस्तेमाल किया गया है। इससे सटीक निशाना लगाने में माहिर।
• मल्टीपल इंडिपेंडेंटली टारगेटेबल री-एंट्री व्हीकल (MIRV) टेक्नीक के इस्तेमाल से एकसाथ कई टारगेट पर वार कर सकेगी।
• कई परमाणु वारहेड एक साथ छोड़े जा सकते हैं। एक बार छोड़ने के बाद रुकना नामुमकिन
• 17 मीटर लंबी अग्नि-5 का वजन 50 टन है। लॉन्चिंग सिस्टम में कैनस्टर टेक्नीक का इस्तेमाल किया गया है। इसकी वजह से मिसाइल को आसानी से कहीं भी ट्रांसपोर्ट किया जा सकता है।
• अग्नि में 85% स्वदेशी तकनीक का इस्तेमाल किया गया है।
• मिसाइल की तीन स्टेज हैं। ये सॉलिड फ्यूल से चलती है। कई न्यूक्लियर वॉरहेड एक साथ छोड़े जा सकेंगे। एक बार छोड़ने पर इसे रोका नहीं जा सकेगा।

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