सोमवार, 26 दिसंबर 2016

चीन से इटली तक भारत की रेंज में, शक्तिशाली एटमी मिसाइल अग्नि 5 का कामयाब परीक्षण

Pic Courtesy : DPR 
नई दिल्ली: लंबी दूरी की सतह से सतह पर मार करने वाली मिसाइल अग्नि-5 का ओडिशा के अब्दुल कलाम आइलैंड में सोमवार को किए चौथे सफल परीक्षण के बाद परमाणु युक्त अंतरमहाद्वीपीय बैलिस्टिक मिसाइल (आईसीबीएम) बनाने वाला भारत पांचवां देश बन गया है। इससे पहले रूस, अमेरिका, फ्रांस और चीन इस तरह की मिसाइल विकसित कर चुके हैं। मिसाइल की पूरी मारक क्षमता के साथ किये गये परीक्षण में सभी राडार और ट्रैकिंग सिस्टम ने मिसाइल के प्रदर्शन से जुड़े अलग-अलग मापदंडों की निगरानी की गई और पाया गया कि इसने अपने सभी लक्ष्य कामयाबी से पूरे किए हैं। इस सफल परीक्षण से देश में स्वदेशी मिसाइल निर्माण की क्षमता में इजाफा हुआ है। सेना में शामिल होने से पहले इसके और दो तीन टेस्ट किए जाएंगे फिर इसका उत्पादन होगा। खास बात ये है कि जरूरत पड़ने पर इसकी रेंज 5000 से अधिक भी बढ़ाई जा सकती है।
क्यों खास है अग्नि 5-
पाकिस्तान, अफगानिस्तान, इराक, ईरान और इटली समेत करीब आधा यूरोप इसकी जद में
चीन, रूस, मलेशिया, इंडोनेशिया, फिलीपींस तक निशाना लगाने की क्षमता
भारत की सबसे मारक मिसाइल का सफल परीक्षण, चीन-पाकिस्तान तक मारक क्षमता
5000 किलोमीटर से ज्यादा दूरी तक लक्ष्य भेदने में सक्षम
1000 किलो तक वारहेड ले जाने में सक्षम
85 फीसदी स्वदेशी तकनीक का इस्तेमाल
20 मिनट में लक्ष्य पर हिट कर सकती है
अग्नि सीरीज की सबसे आधुनिक मिसाइल
तीन चरणों और सतह से सतह तक मार करने में सक्षम
नेवीगेशन, गाइडेंस, वारहेड और इंजन से जुड़ी नई तकनीकें शामिल
मिसाइल को आसानी से डिटेक्ट करना मुश्किल
मिसाइल में रिंग लेजर गायरो बेस्ड इनरशियल नेविगेशन सिस्टम (RINS) और माइक्रो नेविगेशन      सिस्टम (MINS) टेक्नीक का इस्तेमाल किया गया है। इससे सटीक निशाना लगाने में माहिर।
मल्टीपल इंडिपेंडेंटली टारगेटेबल री-एंट्री व्हीकल (MIRV) टेक्नीक के इस्तेमाल से एकसाथ कई टारगेट       पर वार कर सकेगी।
कई परमाणु वारहेड एक साथ छोड़े जा सकते हैं। एक बार छोड़ने के बाद रुकना नामुमकिन
17 मीटर लंबी अग्नि-5 का वजन 50 टन है। लॉन्चिंग सिस्टम में कैनस्टर टेक्नीक का इस्तेमाल किया     गया है। इसकी वजह से मिसाइल को आसानी से कहीं भी ट्रांसपोर्ट किया जा सकता है।
अग्नि में 85% स्वदेशी तकनीक का इस्तेमाल किया गया है।
मिसाइल की तीन स्टेज हैं। ये सॉलिड फ्यूल से चलती है। कई न्यूक्लियर वॉरहेड एक साथ छोड़े जा सकेंगे।   एक बार छोड़ने पर इसे रोका नहीं जा सकेगा।

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