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| Pic Courtesy: The Economic Times |
ऐसे में नीति आयोग ने एक योजना बनाई है जिसके तहत इलेक्ट्रॉनिक ट्रांजेक्शन को बढ़ावा देने के मकसद से आयोग एक करोड़ रुपये का प्रोत्साहन पुरस्कार देगी। ये पुरस्कार उनको दिया जाएगा जो डिजिटल पेमेंट करते हैं।
आयोग ने इसके लिए नेशनल पेमेंट कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया (NPCI) योजना की रुपरेखा बनाने और उसको जल्द लांच करने को कहा है। सूत्रों की माने तो इसके लिए एनपीसीआई फंड से 125 करोड़ रुपये उपलब्ध कराने की सारी तैयारी भी पूरी कर ली गई है। एनपीसीआई यानि नेशनल फाइनेंशियल इन्क्लुशन फंड रिटेल पेमेंट सिस्टम को चलाने वाला वो संगठन है जिसकी छतरी के तले एसबीआई, पंजाब नेशनल बैंक, केनरा बैंक, बैंक ऑफ बड़ोदा, यूनियन बैंक ऑफ इंडिया, आई सी आई सी आई, एचडएफसी बैंक, सिटी और एचएसबीसी बैंक अपनी पेमेंट प्रणाली चलाती हैं।
इस प्रोत्साहन पुरस्कार योजना का मकसद गांवों और छोटे शहरों में डिजिटल बटुए को लोकप्रिय बनाना है। सूत्र बता रहे हैं कि एक करोड़ रुपये की पुरस्कार राशि के लिए प्रत्येक पंद्रह दिनों में डिजिटल ट्रांजेक्शन आईडी के ड्रॉ निकाले जाएंगें। इस योजना में फोकस देश के गरीब, निम्न मध्य वर्ग और छोटे व्यापारियों को रखा जाएगा। यही नहीं एक करोड़ रुपये के इस पुरस्कार के लिए अलावा दस ग्राहको औऱ दस व्यापारियों को प्रति सप्ताह दस दस लाख रुपये के भी पुरस्कार दिए जाएंगे।
नीति आयोग का मानना है कि नोटबंदी के एलान के बाद से डिजिटल ट्रांजेक्शन में अच्छी खासी बढोत्तरी हुई है। सरकारी आंकड़े बताते हैं कि नोटबंदी के एलान के बाद डिजिटल पेमेंट में तीन सौ फीसदी की बढोत्तरी हुई है।
इस योजना के तहत सभी ग्राहक और व्यापारी जो USSD, UPI और RuPay कार्ड आदि तरीकों से पेमेंट कर रहे हैं वो इस पुरस्कार राशि पाने की पात्रता रखते हैं। जानकारी के मुताबिक आयोग इस महीने के अंत तक इस योजना को लांच करेगा औऱ जिन्होंने भी नोटबंदी के एलान के बाद इस डिजिटल बटुए का इस्तेमाल किया हो वो करोड़पति होने के इस कार्यक्रम में भाग ले सकते हैं।
तो चलिए क्या पता अगली लॉटरी आप ही की निकल जाए ! हम भी दिल थाम कर इंतजार करते हैं कि आखिर कौन बनेगा पहला करोड़पति?

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