रविवार, 4 दिसंबर 2016

डिजीटल इंडिया के सपने देख रहे देश को जावेद ने दिखाई हकीकत, पीएम नमो एप हैक

नई दिल्ली: नोटबंदी के बाद कैशलेस ट्रांजेक्शन और डिजीटल इंडिया की उड़ान पकड़ती मुहिम को मुंबई के एक 22 साल के युवा ने आईना दिखाया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की नोटबंदी के फैसले पर पुरा देश तमाम कठिनाइयों के बाद जहां पीएम के फैसले को सिर्फ इस उम्मीद से स्वीकार करता दिख रहा है कि शायाद इससे कालेधन के प्रवाह को रोका जा सके। फैसले के क्रियान्वयन और वैकल्पिक व्यवस्था के लिए समुचित तैयारी का अभाव लोगों के लिए बेहद कठिनाइयों की वजह भी बना है।
ऐसे में बार बार लगातार केंद्र सरकार की और दिए जा रहे गो डिजीटल का  नारे की वास्तविकता को लेकर भी सवाल उठने लगे हैं। ये सवाल है कि इस रास्ते पर आगे तो बढ़ा जा सकता है लेकिन क्या ये रास्ता सुरक्षित है। और अगर सुरक्षित है तो क्या सरकारी महकमें की ओर से वाकई इसे सुरक्षित बनाए रखने के प्रबंध किए गए हैं। इसके जवाब में सरकारी दावा जो कुछ भी हो लेकिन हकीकत इससे कोसों दूर दिख रहा है। हाल ही में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के आईफ़ोन, एंड्रॉयड और विंडोज फोन के लिए काफी धूमधाम के साथ लांच किए गए आधिकारिक नमो ऐप लांच को मुंबई के एक 22 वर्षीय डेवलपर ने हैक कर इस ऐप की कई सुरक्षा खामियों को उजागर कर दिया है।
युवक जावेद का कहना है कि मैने पीएम मोदी के नमो ऐप को हैक किया है , लेकिन उसका इरादा हानि पहुंचाना नहीं बल्कि सुरक्षा खामियों को उजागर करना था। जावेद के अनुसार ऐप में सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम नहीं होने की वजह से सत्तर लाख यूजर्स की जानकारी सार्वजनिक हो सकती थी।
जावेद के इस दावे को बीजेपी ने खारिज किया है। हालांकि इस काम के लिए बीजेपी ने जावेद को थैंक्स कहा है। भाजपा के सूचना एवं तकनीकी के राष्ट्रीय संयोजक अमित मालवीय ने बताया कि इस ऐप में कोई निजी या संवेदनशील डेटा नहीं है। मालवीय ने कहा कि हम जावेद खत्री को धन्यवाद देना चाहते हैं कि डेवलपर ने ऐप की सुरक्षा पर बहुत ध्यान दिया है।
बता दें कि गुरुवार की देर रात पेशे से मोबाइल ऐप डेवलपर जावेद खत्री ने दावा किया कि उसने पीएम मोदी के ऐप को हैक किया है और वह यूजर्स के निजी डेटा तक पहुंच बना सकता है। निजी डेटा में ईमेल आईडी और यहां तक कि केंद्रीय मंत्रियों के मोबाइल नंबर भी शामिल हैं। युवा हैकर ने बताया यह सिर्फ इस सुरक्षा बचाव को दिखाने का रास्ता है जो मैं दिखाना चाहता है। सात लाख से अधिक यूजर की गोपनीयता दांव पर है अगर इसे नजरअंदाज कर दिया जाता है तो।
मुंबई के घाटकोपर में रहने वाले पेशे से मोबाइल ऐप डवलपर जावेद ने गुरुवार (एक दिसंबर) की रात को एक वेबसाइट को बताया कि उसने प्रधानमंत्री की ऐप को हैक कर लिया है। इसके जरिए यूजर्स के प्राइवेट डाटा जैसे मोबाइल नंबर और ईमेल आईडी को एक्‍सेस किया जा सकता है। यहां तक कि केंद्रीय मंत्रियों के मोबाइल नंबर भी लिए जा सकते हैं। जावेद के अनुसार उसने 70 लाख यूजर्स के डाटा की सिक्‍योरिटी में खामी को सामने लाने के लिए ऐसा किया।
हालांकि भाजपा की आईटी सेल की ओर से कहा गया कि ऐप में कोई निजी या संवेदनशील डेटा नहीं है। ऐप यूजर की जानकारी ऐनक्रिप्‍टेड मोड में होती है। गौरतलब है कि पिछले दिनों ही कांग्रेस उपाध्‍यक्ष राहुल गांधी का टि्वटर अकाउंट हैक हो गया था। हैकर ने उनके अकाउंट से गालियां ट्वीट कर दी थी। इसके बाद कांग्रेस का आधिकारिक अकाउंट भी हैक कर लिया गया था।
ऐसे में ये सवाल एक आदमी के मन में जरूर उठ रहा है कि जब इतने हाई प्रोफाइल लोगों के अकाउंट भी अगर सुरक्षित नहीं तो क्या सिर्फ इस तरह की तैयारयों के दम पर अपनी गाढ़ी कमाई को उस रास्ते पर लाया जाए जिसकी सुरक्षा को लेकर सत्ता प्रतिष्ठान के पास न तो कोई ठास दावे हैं और न हीं भविष्य का कोई रोड मैप?

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