रविवार, 9 मार्च 2008

महिला दिवस विशेष - सुलभ ज़िन्दगी

ये महिलाएं , जो देश की बेहतरीन माडलों के साथ आत्मविश्वास से लबरेज रैंप पर चहलकदमी कर रहीं हैं, कल तक सर पर मैला ढोने जैसा काम करती थीं। लेकिन आज सुलभ इंटरनेशनल के प्रयासों से इन्हें नवजीवन मिला है।

1 टिप्पणी:

सुजाता ने कहा…

मिशन सैनिटेशन वाकई एक काबिले तारीफ काम है । एक ज़रूरी पोस्ट लिखने के लिए धन्यवाद !
CHOKHER BALI
sandoftheeye.blogspot.com