शनिवार, 26 नवंबर 2016

नोटबंदी : चीनी मीडिया ने मोदी के कदम को ‘साहसिक जुआ’ बताया, कहा चीन भी लेगा सबक

बीजिंग : प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नोटबंदी के फैसले को बहुत साहसिक कदम बताते हुए चीन की सरकारी मीडिया ने लिखा है कि भले ही ये कदम सफल हो या असफल पर भ्रष्टाचार पर इसके असर से चीन सबक लेगा। चीन की सरकारी मीडिया के मुताबिक पीएम मोदी के नोटबंदी का ये पहल चाहे सफल हो या असफल लेकिन इससे एक उदाहरण पेश किया गया है और चीन भ्रष्टाचार पर इसके प्रभावों से जरूर सबक लेगा।
सरकारी समाचार पत्र ग्लोबल टाइम्स में  ‘मोदी टेक्स ए गैम्बल विथ मनी रिफॉर्म’ शीर्षक से छपे संपादकीय में लिखा गया है, ‘नोटबंदी का मोदी का कदम बहुत ही साहसिक है। अगर चीन में 50 या 100 युआन के नोट बंद कर दिए जाएं तो, चीन में क्या होगा हम इसके बारे में अभी कल्पना नहीं कर सकते हैं। मोदी ने करंसी रिफार्म पर फैसला लेकर एक जुआ खेला है’। ज्ञात हो कि 100 युआन चीन की सबसे बड़ी मुद्रा है।

पत्र आगे लिखता है, ‘नोटबंदी की खबर को इसके क्रियान्वयन में आनी वाली चुनौतियों के बावजुद पुरी तरह गुप्त रखा गया था ताकि इस फैसले के इसके मकसद को पूरी तरह से हासिल किया जा सके। नोटबंदी का यह फैसला ब्लैकमनी के खिलाफ है। हालांकि मोदी इसे लागू करने से पहले दुविधा में थे’। अखबार फैसले को लेकर प्रधानमंत्री मोदी के मन में दुविधा की स्थिति का भी जिक्र करता है। अखबार लिखता है कि मोदी इस समय दुविधा की स्थिति में हैं क्योंकि इस सुधार का मकसद कालेधन को बेकार करना है लेकिन यह प्रक्रिया कोई नई नीति की शुरूआत से पहले जन समर्थन हासिल करने के प्रशासन के सिद्धांत के विपरीत है।

संपादकीय में लिखा गया है, ‘भारत में लगभग नब्बे फीसदी लेन-देन कैश में होता है। देश में कुल कैश का 85 प्रतिशत नोट पांच सौ और हजार रुपये के रुप में थे। सरकार के इस फैसले से आम जनता को रोजाना जिंदगी में काफी दिक्कतें भी हुई हैं। यहां तक कि पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने इसे संगठित लूट तक करार दे दिया’। अखबर लिखता है, ‘नोटबंदी से भ्रष्टाचार पर रोक लग सकती है। लेकिन इसको बढावा देने वाले सामाजिक और राजनीतिक मसले का समाधान मुश्किल है जो इसको बढ़ावा देने में मददगार रहे हैं’।

संपादकीय के अनुसार, ‘मोदी का नोटबंदी का फैसला एक जुआ है। इसे लागू करने से लेकर आम जनता की बर्दाश्त करने की क्षमता की परख होनी है। उम्मीद है कि इसके फायदे अन्य दूसरी चीजों के असर को कम करने में सफल होगी’।  इसमें कहा गया है कि भारत की ‘पश्चिमी शैली’ की लोकतांत्रिक प्रणाली में इस प्रकार के साहसिक कदमों के लिए कम ही स्थान है। संपादकीय में कहा गया है कि वह इसे अंजाम दे रहे हैं और यह कदम भले ही सफल रहे या असफल हो, यह एक मिसाल पेश करेगा। इसमें कहा गया है कि सुधार करना हमेशा मुश्किल होता है और इसके लिए साहस के अलावा भी कई चीजों की आवश्यकता होती है। मोदी ने नेक इरादे से नोटबंदी की है, लेकिन यह सफल होगा या नहीं, यह बात प्रणाली की दक्षता और पूरे समाज के सहयोग पर निर्भर करती है। अखबार के मुताबिक लोकतंत्र में इस तरह के साहसिक कदम की जगह बहुत कम होती है। नोटबंदी चाहे सफल हो या असफल लेकिन यह एक उदाहरण जरूर पेश करेगा।

अखबार लिखता है, ‘सुधार हमेशा से मुश्किल रहा है। मोदी का नोटबंदी का फैसला सही सोच के साथ आया है। लेकिन, इसकी सफलता व्यवस्था और समाज के सहयोग पर निर्भर करती है’। अखबार लिखता है कि चीन में भी पिछले चालीस सालों से सुधार का क्रम जारी है। इसमें कई उतार चढ़ाव देखने को मिले हैं। अखबार के मुताबिक इसकी सफलता आम जनता के व्यापक समर्थन से ही संभव होती है। इसमें कहा गया है कि कम्युनिस्ट पार्टी ऑफ चाइना की मजबूत क्रियान्वयन क्षमताएं पूरे देश की आम सहमति पर आधारित हैं। भारत के सुधारों से सीख मिलेगी जो हमें हमारे सुधार को समझने में मदद करेगी।

बुधवार, 23 नवंबर 2016

नोटबंदी - संसद से सड़क तक विपक्ष के हंगामे से बेअसर प्रधानमंत्री ने सीधे जनता से मांगी राय

नई दिल्ली:  संसद के शीतकालीन सत्र में नोटबंदी के मुद्दे पर विपक्ष पिछले कई दिनों से सरकार को कठघरे में खड़ा करने की कोशिश के तहत कार्यवाही में व्यवधान पैदा कर रहा है। अपने प्रतिरोध को और तेज करते हुए आज विपक्षी दलों के तकरीबन 200 सांसद संसद परिसर में विरोध प्रदर्शन भी कर रहे हैं। कई विपक्षी दल जंतर मंतर पर भी धरने पर बैठेंगे। उधर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इन विरोध प्रदर्शनों और संसद में विपक्ष के नारेबाजी से बेअसर नोटबंदी पर सीधे आमजनता से राय मांगी है।
इसके लिए प्रधानमंत्री ने नमो एप के जरिए लोगों से नोटबंदी से जुड़े दस सवाल पूछे हैं और उनपर अपनी राय शेयर करने की अपील की है। प्रधानमंत्री  नरेन्द्र मोदी ने हाल ही में केंद्र सरकार द्वारा 500 और 1000 रूपये के नोट के सम्बन्ध में लिए फैसले पर लोगों से विचार आमंत्रित किये हैं|
नरेन्द्र मोदी ऐप पर उपलब्ध 10 सवालों वाले एक सर्वेक्षण के माध्यम से लोग अपने विचार पहुंचा सकते हैं| ट्विटर के माध्यम से सर्वेक्षण का लिंक साझा करते हुये प्रधानमंत्री ने कहा कि वह इस फैसले पर लोगों से पहली प्रतिक्रिया चाहते हैं।
सर्वेक्षण के 10 प्रश्न निम्नलिखित हैं : 

1. क्या आपको लगता है कि भारत में काला धन है? a) हाँ b) नहीं
2. क्या आपको लगता है कि भ्रष्टाचार और काले धन के खिलाफ़ लड़ाई लड़ने और इस समस्या को दूर करने की ज़रूरत है? a) हाँ b) नहीं

3. आप काले धन की समस्या से निपटने के लिए सरकार द्वारा उठाये गए कदमों के बारे में क्या सोचते हैं?

4. आप भ्रष्टाचार के खिलाफ़ मोदी सरकार द्वारा अब तक किये गए प्रयासों के बारे में क्या सोचते हैं? 1 से 5 के स्केल पर – बेहतरीन, बहुत अच्छा, अच्छा, ठीक, बेकार

5. आप 500 और 1000 के पुराने नोटों को बंद करने के मोदी सरकार के निर्णय के बारे में क्या सोचते हैं? a) सही दिशा में उठाया गया बहुत अच्छा कदम है b) अच्छा कदम है c) कोई फ़र्क नहीं पड़ेगा

6. क्या आपको लगता है कि डिमोनेटाईजेशन से काला धन, भ्रष्टाचार और आतंकवाद को रोकने में मदद मिलेगी? a) इसका तुरंत प्रभाव पड़ेगा b) इसका प्रभाव पड़ने में समय लगेगा c) कम प्रभाव पड़ेगा d) पता नहीं, कह नहीं सकते

7. डिमोनेटाईजेशन से रियल स्टेट, उच्च शिक्षा, हेल्थकेयर तक आम आदमी की पहुँच बनेगी? a) पूर्ण रूप से सहमत हैं b) थोड़ा सहमत हैं c) कह नहीं सकते

8. भ्रष्टाचार, काला धन, आतंकवाद और नकली नोटों पर अंकुश लगाने की लड़ाई में हुई असुविधा को आपने कितना महसूस किया? a) बिल्कुल महसूस नहीं किया b) थोड़ा बहुत किया लेकिन यह जरुरी था c) हाँ महसूस किया

9. क्या आप मानते हैं कि भ्रष्ट्राचार का विरोध करते रहे कई आंदोलनकारी और नेता अब वास्तव में काले धन , भ्रष्टाचार और आतंकवाद के समर्थन में लड़ रहे है ? a) हाँ b) नहीं

10. क्या आपके पास कोई सुझाव या विचार है जो आप प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के साथ शेयर करना चाहते हैं?

अपने विचार शेयर करने के लिए धन्यवाद। अब अपने परिवार एवं दोस्तों को भी अपने विचार शेयर करने के लिए प्रोत्साहित करें।

जाहिर है यह सर्वेक्षण प्रधानमंत्री के सहभागी शासन और प्रमुख नीतियों और मुद्दों पर देश की जनता से राय लेने की परिकल्पना को साकार करता है।

500 और 1000 रूपये के नोट के लीगल टेंडर पर प्रतिबन्ध के मामले पर प्रधानमंत्री ने लोगों से राय माँगी है और कई पहलुओं पर विचार आमंत्रित किये हैं। उन्होंने लोगों से इस विषय पर भी फीडबैक माँगा है कि कैसे इस फैसले को लागू किये जाने की प्रक्रिया को और मजबूत बनाया जाए।
ज़ाहिर है जनता के प्रतिनिधियों से संवाद करने की बजाए प्रधानमंत्री जनता से सीधे संवाद के सिद्धांत पर उतर आए हैं। सरकार ने नोटबंदी के फैसले पर कदम पीछे हटाने की संभावना को पूरी तरह से खारिज करते हुए स्पष्ट किया है कि कालेधन के मुद्दे पर उठाए जाने वाले कदमों में नोटबंदी सिर्फ पहला कदम है। आने वाले समय में कुछ और कदम उठाए जा सकते हैं।

रविवार, 20 नवंबर 2016

पीवी सिंधु ने जीता चाइना ओपन, PM मोदी ने दी बधाई

फुझाउ: ओलंपिक सिल्वर मेडल जीतने वाली पीवी सिंधु ने 700000 डॉलर इनामी चायना ओपन बैडमिंटन टूर्नामेंट के फाइनल में चीन की सुन यू को हराकर अपना पहला सुपर सीरीज प्रीमियर खिताब जीता।
अगस्त में रियो ओलंपिक में सिल्वर मेडल जीतने वाली पहली भारतीय महिला खिलाड़ी बनी सिंधुने अपना शानदार प्रदर्शन जारी रखते हुए सुन यू को एक घंटे और नौ मिनट में 21-11 17-21 21-11 से हराकर यह प्रतिष्ठित खिताब अपने नाम किया। दुनिया की 11वें नंबर की खिलाड़ी सिंधु की सुन यू के खिलाफ छह मैचों में यह तीसरी जीत है।
पीवी सिंधु और सुन यू के बीच जबरदस्त मुकाबला देखने को मिला। पीवी सिंधु ने पहला गेम 21-11 से जीता, तो दूसरे गेम में चीनी खिलाड़ी ने शानदार खेल दिखाया और 21-17 से दूसरे गेम अपने नाम किया। दोनों के बीच आखिरी गेम में जबरदस्त टक्कर देखने को मिली। सिंधु ने दबाव में बेहद शानदार खेल दिखाया और निर्णायक गेम 21-11 से जीतकर खिताब पर कब्जा जमा लिया। यह लगातार तीसरा साल है जब इस टूर्नामेंट के फाइनल में कोई भारतीय महिला खिलाड़ी पहुंची हैं। साल 2014 में साइना नेहवाल ने यहां खिताब जीता था लेकिन 2015 में उन्‍हें ली जुरुक्‍सई के हाथों हार झेलनी पड़ी थी।
सिंधु ने मुकाबले की शानदार शुरूआत करते हुए पहले गेम में 11-5 की बढ़त बनाई। भारतीय खिलाड़ी ने अपनी तेजी की बदौलत इस बढ़त को 20-8 तक पहुंचाकर 12 गेम प्वाइंट हासिल किए। सुन यू ने तीन गेम प्वाइंट बचाए लेकिन सिंधु को पहला गेम जीतने से नहीं रोक सकी।
दूसरे गेम में भी सिंधुने 6-3 की बढ़त बनाई जिसे उन्होंने 11-7 और फिर 14-10 तक पहुंचाया। सुन यू ने हालांकि इसके बाद जोरदार वापसी की और कुछ दमदार स्मैश की बदौलत 14-14 से स्कोर बराबर कर दिया।
चीन की खिलाड़ी ने तेज स्मैश और फिर शानदार र्टिन की बदौलत 18-16 की बढ़त बनाई। सिंधु ने इसके बाद वीडियो रैफरल गंवाया जिससे सुन यू 19-16 से आगे हो गई। सुन ने 20-16 के स्कोर पर नेट पर शाट खेला लेकिन सिंधु के नेट पर शाट मारने पर दूसरा गेम जीतकर स्कोर 1-1 कर दिया।प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पहले सुपर सीरिज टाइटल जीतने पर सिंधु को बधाई दी है।

शनिवार, 19 नवंबर 2016

उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव:रायबरेली अमेठी से बाहर निकल पहली बार राज्य भर में घुमेंगी प्रियंका

Photo Courtesy : Hindustan Times
नई दिल्ली: उत्तर प्रदेश के आगामी विधानसभा चुनाव में पूरी ताकत से उतरने के लिए कांग्रेस ने तैयारियां शुरू कर दी हैं। लंबे समय से प्रियंका गांधी के चुनाव प्रचार करने को लेकर तरह-तरह के कयास लगाए जाते रहे हैं। कभी खबरें आती है कि वह पूरे उत्तर प्रदेश में चुनाव कैंपेन करेंगी, कभी यह कहां जाता रहा है कि वह सिर्फ रायबरेली-अमेठी में ही प्रचार करेंगी। इन तमाम अटकलों के बीच शुक्रवार को उत्तर प्रदेश कांग्रेस के अध्यक्ष राज बब्बर ने साफ कर दिया की प्रियंका गांधी से उत्तर प्रदेश के चुनावों में ज्यादा से ज्यादा समय देने की गुजारिश की गई थी और वह इसको लेकर बहुत सकारात्मक भी हैं। ऐसी उम्मीद की जा रही है कि वह रायबरेली-अमेठी से बाहर निकल कर चुनाव प्रचार करेंगी।
उत्तरप्रदेश कांग्रेस प्रचार कमेटी के अध्यक्ष संजय सिंह ने कहा, "वह (प्रियंका) अहम भूमिका निभाने जा रही हैं। पहले हर चीज पर फैसला हो जाने दीजिए"। उत्तरप्रदेश कांग्रेस कमेटी प्रमुख राजबब्बर ने कहा, "यह तय किया गया है कि वह राज्य चुनावों में पार्टी के लिए प्रचार करेंगी।
उन्होंने प्रचार के लिए हमारा आग्रह स्वीकार लिया है. जब हमें उनका कार्यक्रम मिल जाएगा हम उस हिसाब से काम करेंगे"। उन्होंने कहा कि चुनावी कार्यक्रम की घोषणा होने के बाद राज्य में प्रचार के लिए उनकी योजना को लेकर और पता चलेगा।
प्रियंका गांधी के राज्य भर में चुनाव प्रचार की रजामंदी मिल जाने की खबरों के बीच कांग्रेस के लिए एक और परेशानी सामने आ सकती है। दरअसल प्रियंका गांधी भी अगर चुनाव प्रचार में राज्य भर में सक्रिय होती हैं तो पार्टी को व्यवस्था इस तरह से संभालनी होगी कि उनके भाई राहुल गांधी की छवि भी बरकरार रह सके। कहीं से भी प्रियंका गांधी का कद पार्टी उपाध्यक्ष राहुल गांधी के सियासी कद से बड़ा न दिख जाए इसकी व्यवस्था भी पार्टी को खास तौर पर देखनी होगी। लिहाज़ा राज्य भर में चुनाव प्रचार के लिए प्रियंका गांधी की अनिवार्यता और प्रियंका की तुलना में राहुल गांधी का सियासी कद बनाए रखना पार्टी के लिए दोहरी चुनौती होगी। देखना होगा इसको लेकर पार्टी की आगामी योजनाएं किस रूप में सामने आती हैं।
जब राहुल गांधी की उत्तर प्रदेश में यात्राएं थी उस वक्त भी प्रियंका गांधी के पोस्टर लगाए गए थे। उससे पहले यह तय किया गया था कि प्रियंका गांधी का कोई भी पोस्टर अकेले नहीं लगाया जाएगा और दूसरा उनकी फोटो राहुल गांधी के फोटो से छोटी लगेगी ताकि राहुल के कद को कहीं छोटा करके ना देखा जाए।
राज बब्बर का कहना है कि प्रियंका गांधी के आने से काफी फायदा होगा। उन्होंने साफ किया कि अभी चुनाव को लेकर रणनीति बन रही है। समय और रणनीति के साथ कांग्रेस के चुनाव प्रचार की योजना बनाई जाएगी।
उत्तर प्रदेश चुनाव की रणनीति को लेकर शुक्रवार सुबह राहुल गांधी के घर पर उत्तर प्रदेश से जुड़े तमाम बड़े नेताओं की बैठक हुई। बैठक में राहुल गांधी, प्रियंका गांधी, गुलाम नबी आजाद, राजबब्बर, शीला दीक्षित और संजय सिंह शामिल हुए। इस बैठक में एक बार फिर ये प्रस्ताव आया कि प्रियंका गांधी को रायबरेली-अमेठी से बाहर निकल कर कैंपेन करना चाहिए। बताया जा रहा है कि इस बैठक में राहुल गांधी, प्रियंका गांधी इस बात को लेकर सहमत हो गए कि वह उत्तर प्रदेश में और ज्यादा समय दे सकती हैं और रायबरेली और अमेठी से बाहर निकल कर चुनाव प्रचार कर सकती हैं।
अब तक लोकसभा चुनाव हो या विधानसभा चुनाव प्रियंका गांधी ने खुद को रायबरेली-अमेठी तक ही खुद को सीमित रखा रहा है। इन दोनों संसदीय क्षेत्र से बाहर उन्होंने कभी चुनाव प्रचार नहीं किया। हालांकि कांग्रेस नेता अक्सर मांग करते रहे हैं कि उनको प्रदेश भर में चुनाव प्रचार करना चाहिए। इसकी वजह साफ रही है कि कांग्रेसी प्रियंका गांधी में इंदिरा गांधी की छवि को देखते रहे हैं। उनका मानना है कि प्रियंका गांधी, इंदिरा गांधी की तरह दिखती हैं। उन्हीं की तरह बोलती हैं। जिसका फायदा पार्टी को मिल सकता है। हर बार के चुनाव में कांग्रेस नेताओं और कार्यकर्ताओं द्वारा प्रियंका गांधी की उठती मांग को देखते हुए इस बार गांधी परिवार में कहीं ना कहीं एक सहमति बनती दिख रही है की प्रियंका गांधी को भी अब चुनाव में बड़ी भूमिका में दिखना चाहिए। यही वजह रही कि राहुल गांधी के घर हुई मीटिंग में तमाम नेताओं की मांग पर राहुल और प्रियंका पॉजिटिव दिखाई दिए।
इससे पहले राजबब्बर ने कहा था कि प्रियंका की मौजूदगी से पार्टी के लोगों के साथ ही राज्य के लोगों के बीच विश्वास बढ़ेगा और उन्हें नई उर्जा मिलेगी। उन्होंने यह भी उल्लेख किया कि अगर वह पर्याप्त समय देती हैं तो प्रियंका उत्तरप्रदेश में सभी 403 निर्वाचन क्षेत्रों में प्रचार कर सकेंगी।

गुरुवार, 17 नवंबर 2016

देश में बने सबसे बड़े ड्रोन 'रुस्‍तम-2' ने पहली उड़ान भरी

चित्रदुर्ग: देश में बने सबसे बड़े मानव रहित विमान ड्रोन तापस 201 (रूस्तम-2) ने बुधवार को पहली बार सफलतापूर्वक उड़ान भरी। डीआरडीओ के बनाए गए इस ड्रोन का परीक्षण कर्नाटक के बंगलौर से 250 किलोमीटर दूर मानवरहित यानों और मानवविमानों के परीक्षण के लिए नवविकसित उड़ान परीक्षण स्थल चित्रदुर्ग में किया गया। इससे मानवरहित वायुयान के भारत के विकास कार्यक्रम को प्रोत्साहन मिला है।

ये टोही व निगरानी क्षमता के साथ-साथ लक्ष्य पर सटीक मार करने में भी सक्षम है और इसकी रेंज करीब 250 किलोमीटर है। सिंथेटिक अपर्चर राडार होने के कारण ये बादलों के पार भी देख सकता है। इतना ही नहीं, 30 हजार फीट पर आसानी से ऊंचाई पर उड़ान भर सकता है।
इसकी तुलना दुनिया के उन बेहतरीन ड्रोन से की जा सकती है जिनकी क्षमता बहुत अधिक है. जानकार बताते हैं कि इसे अमरीकी ड्रोन प्रिडेटर की तर्ज पर विकसित किया गया है। दो टन वजनी इस ड्रोन की कई खासियत हैं। इसके डैने लगभग 21 मीटर लंबे हैं। यह 24 घंटे उड़ान भरने में सक्षम है। 
Photo Courtesy: DRDO
रुस्तम-का डिजाइन और विकास डीआरडीओ की बेंगलुरु की प्रयोगशाला एयरोनॉटिकल डेवलपमेंट एस्टैब्लिशमेंट और एचएएल-बीईएल ने मिलकर किया है। सशस्त्र बलों के पायलटों के सहयोग से डीआरडीओ के युवा वैज्ञानिकों की एक टीम ने इसका परीक्षण किया।
ये दुश्मनों के इलाके में घुसकर टोह लेने, निगरानी रखने और लक्ष्य की पहचान करने उस पर हमला करने में भी सक्षम है। ये 500 किलोमीटर घंटे प्रति घंटे की रफ्तार से उड़ान तो भरेगा ही, साथ ही दुश्मन की नजर से भी बचा रहेगा। वजह है इसमें ऐसे सिस्टम लगे है जो दुश्मन की पकड़ में नही आएंगे। ये दिन के साथ-साथ रात में अपना काम कर सकता है। इसमें करीब वे सारी खूबियां हैं जो एक छोटे टोही विमान में होती हैं।

बुधवार, 16 नवंबर 2016

विदेश मंत्री सुषमा स्वराज की किडनी फेल, देश भर से दुआ में उठे हाथ

नई दिल्ली:  विदिशा सांसद और विदेश मंत्री सुषमा स्वराज की किडनी फेल हो गई है। अब उन्हें डायलिसिस पर ही जीवन जीना पड़ेगा। पिछले कुछ दिनों से वे शुगर बढ़ने की शिकायत के बाद दिल्ली के अखिल भारतीय आर्युविज्ञान संस्थान एम्स में भर्ती हुई थी। जहां उनके परीक्षण के बाद किडनी फेल होने की बात पता चली।
आज सुबह सुषमा स्वराज ने ट्वीट करके ये चौंकाने वाली जानकारी दी। उन्होंने ट्वीट में बताया कि उनकी किडनी फेल हो चुकी है और वो डायलिसिस पर हैं। किडनी ट्रांसप्लांट की तैयारी चल रही है। उन्होंने बताया कि किडनी ट्रांसप्लांट से पहले उनके टेस्ट किए जा रहे हैं। सुषमा जी ने ट्वीट में लिखा कि भगवान श्री कृष्ण उनकी मदद करेंगे।
सुषमा स्वराज पिछले बीस सालों से डायबिटीज से ग्रस्त हैं। उन्हें एम्स में सात नवंबर को भर्ती किया गया था। चौंसठ वर्षीय सुषमा स्वराज को इससे पहले अप्रैल में तेज निमोनिया की शिकायत के बाद भी भर्ती किया गया था।

देश भर उनके प्रशंसक और उनके सहयोगी राजनीतिज्ञ उनके जल्द स्वस्थ्य होने की कामना कर रहे हैं।

गेंहू का समर्थन मूल्य सौ रुपये, दालों में 550 रुपये प्रति क्विंटल तक इज़ाफा

Photo Courtesy : Zee News
नई दिल्ली:  नोटबंदी और काले धन पर हो रही चना ज़ोर गरम बहस-मुहाबिसे के बीच केंद्र सरकार ने किसानों को एक खुशखबरी दी है। सरकार ने आज गेंहू का न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) सौ रुपये बढ़ाकर 1,625 रुपये प्रति क्विंटल कर दिया। इसके साथ ही विभिन्न दालों का समर्थन मूल्य भी 550 रुपये प्रति क्विंटल तक बढ़ाने का फैसला किया है।
एमएसपी में इस बढ़ोत्तरी का मकसद इनकी रबी फसलों का उत्पादन बढ़ाना और कीमतों पर अंकुश लगाना है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में हुई केंद्रीय मंत्रिमंडल की आर्थिक मामलों की समिति की बैठक में 2016-17 के लिए सभी रबी फसलों की एमएसपी को मंजूरी दी गई।
आधिकारिक प्रवक्ता के मुताबिक समिति ने गेंहू का एमएसपी 2016-17 की रबी फसल के लिए सौ रुपये प्रति क्विंटल बढ़ाकर 1,625 रुपये प्रति क्विंटल करने की मंजूरी दी है। पिछले साल यह 1525 रुपये प्रति क्विंटल था।
प्रवक्ता ने बताया, गेंहू का एमएसपी 6.6 फीसदी, जौ का 8.2 फीसदी (बोनस सहित), चना का 14.3 फीसदी, मसूरी 16.2 फीसदी, रेपसीड-सरसों का 10.4 फीसदी और सनफ्लावर का 12.1 फीसदी बढ़ाया गया है।
इसके अलावा दलहन एवं तिलहन की खेती को प्रोत्साहित करने के लिए इन फसलों पर एमएसपी के उपर बोनस की घोषणा भी की गई है।। बोनस सहित चने का एमएसपी बढ़ाकर 4,000 रुपये प्रति क्विंटल किया गया है। पिछले साल यह 3,500 रुपये था। मसूर का समर्थन मूल्य 3,400 से बढाकर 3,950 रुपये प्रति क्विंटल किया गया है।

शनिवार, 12 नवंबर 2016

नोट बैन: आम आदमी बन बैंक की लाइन में जा खड़े हुए राहुल गांधी, ट्वीटरातियों ने खदेड़ा

Photo Courtesy : The Indian Express
नई दिल्ली:  कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी गुरुवार को चार हजार रुपए के पुराने नोट बदलवाने के लिए दिल्ली के संसद मार्ग स्थित स्टेट बैंक ऑफ इंडिया की ब्रांच जा पहुंचे। बैंक जाकर वे नोट बदलवाने आए लोगों की कतार में जाकर खड़े हो गए। इस दौरान उन्होंने 500 और 1000 रुपए के नोट बंद करने के फैसले को लेकर पीएम मोदी की आलोचना भी की। राहुल ने मीडिया से बात करते हुए कहा, ‘मैं यहां अपने 4000 रुपए के पुराने नोट बदलने आया हूं। यहां पर लगी लंबी लाइन को अंदर कर दिया गया। मैं लाइन में खड़ा होना चाहता हूं। ना मीडिया को और ना ही पीएम मोदी को समझ में आएगा कि लोगों को कितनी दिक्कत हो रही है। मेरे लोगों को दर्द हो रहा है। मैं उनके दर्द के लिए यहां लाइन में खड़ा हूं।
इसी दौरान वहां मौजूद लोगों ने उनके साथ सेल्फी लेनी शुरू कर दी। मजबूरी में राहुल भी मुस्कुराते हुए फोटो खिंचाने लगे। सवाल पूछे जाने पर मीडिया से खफा हुए राहुल गांधी। वहां मौजूद रिपोर्टर्स ने राहुल से 500-1000 के नोट बंद किए जाने पर सवाल किया तो उन्होंने कहा, ''न मीडिया को समझ आएगा और न उनके करोड़पति मालिकों को और न ही प्रधानमंत्री जी को। मेरे लोगों को कष्ट हो रहा है। मैं उनके साथ खड़ा हूं।सरकार 15-20 करोड़पतियों के लिए नहीं चलनी चाहिए, गरीबों और आम लोगों के लिए चलनी चाहिए।''
इस दौरान राहुल ने बैंक में नोट बदलने वाला फॉर्म लेकर भी देखा। कुछ लोगों ने उनके साथ सेल्फी ली। ब्रांच में एसपीजी सिक्युरिटी पर्सनल्स मौजूद थे, जिसके कारण आम लोगों को दिक्कतें भी हुईं।
राहुल गांधी की लाइन में लगी फोटो और उससे जुड़ी खबर समाचार माध्यमों में आने के बाद टि्वटर सहित अन्य सोशल मीडिया साइट पर उनका मजाक उड़ाए जाने लगा।
टि्वटर पर एक धर्मेंद्र ओझा ने लिखा है, ‘यह वही श्री नरेन्द्र मोदी जी है जिनको आपकी माता जी पानी-पी पी कर गाली देती थी,आज आपको रोड पर लगे एटीएम  तक ला कर खड़ा कर दिया।वहीं अंकित तिवारी ने लिखा है, ‘पप्‍पु को लाइन पसंद है..पीएम बनने , कांग्रेस अध्‍यक्ष, अच्‍छा बेटा, कांग्रेसियों का नेता बनने की और भी बहुत सी लाइनों में है।इस यूजर ने लिखा है कि राहुल गांधी को सड़क पर लाकर खड़ा दिया, इससे अच्छे दिन कौन ला सकता है।
दीपक गोयल ने अपने टि्वटर अकाउंट पर लिखा है, ‘अगर राहुल गांधी वाकई में देश के लोगों की मदद करना चाहते हैं तो उन्हें पैसे निकालने के लिए स्विस बैंक के बाहर लाइन लगानी चाहिए।अनंत नायक नाम के यूजर ने लिखा है, ‘राहुल गांधी बैंक से 4000 रुपए बदलवाने के लिए दो करोड़ रुपए की रेंज रोवर कार में पहुंचे हैं।एक यूजर लिखता है, ‘राहुल गांधी भी सड़क पर आ गया अब तो।

बुधवार, 9 नवंबर 2016

500, 1000 रुपये बंद: केंद्र के फैसले पर कांग्रेस ने पूछे तीन सवाल

Photo Courtesy: The Indian Express
नई दिल्लीः प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सरकार के 500 और 1000 रुपये को बंद करने के ऐलान के बाद कांग्रेस ने पीएम के इस फैसले का समर्थन तो किया लेकिन साथ फैसले पर तीन सवाल भी खड़े कर दिए। कांग्रेस पार्टी ने एक तरफ प्रधानमंत्री के फैसले का समर्थन करते हुए कहा कि काले धन की वापसी के लिए जो भी सार्थक कदम सरकार उठाएगी कांग्रेस उसके साथ है। लेकिन इसके साथ ही कांग्रेस ने सरकार के इस फैसले पर सवाल उठाते हुए कहा कि कहीं मोदी सरकार बिना खास तैयारियों के लोगों को मुसीबत में तो नहीं ढकेल रही है?
कांग्रेस प्रवक्ता रणदीप सुरजेवाला, ”मोदी जी कालाधन को वापस लाने के लिए जो कारगर, सार्थक और सटीक कदम उठाएगी कांग्रेस पार्टी उस पर उनका बगैर किसी शर्त समर्थन करेगी। पीएम मोदी ने आज स्पष्ट तौर पर कहा कि दस से लेकर सौ रुपये तक का नोट साधारण जनमानस प्रयोग करता है। इसके अलावा 500 से 1000 रुपये के नोट से कालाधन एकत्रित करने वाले धारकों को मदद मिलती है। इसी लिए सरकार ने 500 और 1000 रुपये का नोट बंद करने का निर्णय किया है।
सुरजेवाला ने कहा, ”इस फैसले के बाद तीन बातें सामने आतीं हैं जिन पर मोदी सरकार का ध्यान आकर्षित करना चाहते हैं। पहली बात आज कई किसानों की फसल कट चुकी है और कई किसान नई फसल की बुवाई को तैयार हैं। ऐसे 500 और 1000 का नोट वापस लेकर, बगैर किसी व्यवस्था के 30 दिसंबर तक क्या छोटे व्यापारी, इस देश की ग्रहणियों, इस देश के छोटे किसान क्या उन्हें मोदी सरकार एक मुसीबत में नहीं ढकेल रही।
सुरजेवाला ने दूसरा सवाल उठाते हुए कहा, ”आज देश में त्योहारों और शादियों का सीजन है। कोई बेटी के कपड़ा लेने जा रहा है तो अन्य जरूरी सामान खरीदने जा रहा है। कोई त्योहार की तैयारी में है ऐसे में मात्र चार हजार रुपये निकालने का निर्णय के फैसले शादी वालो घरों के लिए मुसीबत बन जाएंगे।
तीसरा सवाल ये है कि मोदी जी दस से लेकर सौ रुपये तक का नोट साधारण जनमानस प्रयोग करते हैं। एक ओर सरकार 1000 के नोट बंद कर रही है तो दूसरी ओर 2000 के नोट जारी कर रही है इससे क्या काला धन नहीं पनपेगा।

पहली बार जारी होगा दो हजार रुपये का नोट

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नई दिल्‍ली: पीएम नरेंद्र मोदी की नोट संबंधी घोषणा के बाद रिजर्व बैंक 10 नवंबर से दो हजार रुपये का नोट जारी करने जा रहा है। यह संभवतया आजाद भारत के इतिहास में पहली बार होगा जब 1000 रुपये से अधिक राशि का कोई नोट जारी किया जाएगा।
इस 2000 रुपये के महात्‍मा गांधी सीरीज के नए नोट के पिछले हिस्‍से में मंगलयान का चित्र होगा। उल्‍लेखनीय है कि दो साल पहले देश ने पहली बार मंगल ग्रह पर मंगलयान को सफलतापूर्वक भेजा। इस नोट का बेस कलर मेंजेटा होगा। नए नोट का साइज 66 मिमीx166 मिमी होगा।  500 रुपये के नए नोट में लाल किले का फोटो होगा जबकि 2000 रुपये के नोट पर मंगल यान का चित्र होगा।
इस संबंध में भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) के गवर्नर उर्जित पटेल ने मंगलवार को कहा कि 10 नवंबर से 500 रुपये और 2000 रुपये के नए नोट जारी किए जाएंगे। वित्त सचिव शक्तिकांत दास ने नए नोट की घोषणा करते हुए कहा, "आरबीआई 10 नवंबर से नए नोट जारी करेगी"।
पटेल और दास ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के राष्ट्र के नाम संबोधन के बाद मीडिया को संबोधित किया। मोदी ने अपने संबोधन में घोषणा करते हुए कहा कि आधी रात से 500 रुपये और 1000 रुपये के नोट अवैध हो जाएंगे, और ये सिर्फ कागज के टुकड़े रह जाएंगे।
दास ने कहा, "जो लोग नकदी बदलने के लिए आएंगे, बैंक उनके रिकॉर्ड रखेंगे।"

कालेधन पर एसआईटी प्रमुख जस्टिस एमबी शाह और भाजपा अध्यक्ष अमित शाह ने की सरकार की तारीफ

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नई दिल्‍ली: काले धन पर विशेष जांच दल (एसआईटी) के चेयरमैन न्यायाधीश (सेवानिवृत्त) एमबी शाह ने 1000 रुपये व 500 रुपये मूल्य के नोटों के बारे में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के फैसले को साहसीकदम बताते हुए कहा है कि इससे काले धन पर लगाम लगाने में मदद मिलेगी।
शाह ने कहा,‘ यह बहुत ही अच्छा फैसला है। यह साहसी कदम है और इससे काले धन की समस्या से निपटने में मदद मिलेगी।उन्होंने कहा कि इस फैसले का असर उन लोगों पर होगा जिन्होंने अघोषित संपत्ति व आय जमा कर रखी है और इसका खुलासा सरकार द्वारा दो साल में घोषित कालाधन घोषण योजना के तहत नहीं किया था। शाह ने कहा,‘ यह बहुत जरूरी कदम है।
उधर सत्ताधारी भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अध्‍यक्ष अमित शाह ने भी इसे साहसिक फैसला करार दिया है। उन्‍होंने कहा कि काले धन के खिलाफ लड़ाई निर्णायक मोड़ पर है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मंगलवार रात को राष्‍ट्र के नाम संबोधन में कहा कि मंगलवार मध्‍य रात्रि से 500 और 1000 के नोट गैरकानूनी होंगे। उन्‍होंने कहा कि लोगों को परेशान होने की जरूरत नहीं है, 30 दिसंबर तक 500 और 1000 रुपये के पुराने नोट बैंकों और डाकघरों में जमा कराएं। पीएम ने बताया कि कुछ जगहों पर अगले दो दिन एटीएम काम नहीं करेंगे।
भ्रष्‍टाचारियों से हम सवा लाख करोड़ रुपये का काला धन वापस लाए। उन्‍होंने कहा कि भ्रष्टाचार और आतंकवाद के खिलाफ निर्णायक लड़ाई जरूरी है। 500 से 1000 रुपये के नोट 80 से 90 फीसदी हो गए हैं। प्रधानमंत्री ने कहा कि हिंदुस्‍तान का सामान्‍य नागरिक ईमानदार है। उन्‍होंने कहा कि जाली नोटों का जाल देश को तबाह कर रहा है। इन आतंकियों को कहां से पैसा नसीब होता होगा। काले धन का उल्‍लेख करते हुए उन्‍होंने कहा कि इसके खिलाफ हमने एसआईटी बनाई, कानून बनाया। विदेशों का काला धन लाने के लिए समझौते भी किए।

लोग परेशान न हो इसके लिए अगले 72 घंटे के लिए महत्वपूर्ण कदम

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नई दिल्ली: सरकार ने मंगलवार मध्यरात्रि से 500 और 1,000 रुपये के मौजूदा नोटों को चलन से वापस लेने का फैसला किया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने जहां एक ओर राष्ट्र के नाम अपने संबोधन में सरकार की ओर से लिए गए इस फैसले का एलान किया वहीं दूसरी तरफ नागरिकों को इस वजह से ज्यादा परेशानी नहीं हो इसके लिये निम्न कदमों की घोषणा की है।
1: अगले 72 घंटे तक: - सरकारी अस्पतालों में 500 और 1,000 के पुराने नोट भुगतान में स्वीकार किये जाते रहेंगे।
- रेलवे, सरकारी बसों और हवाईअड्डे पर एयरलाइंस काउंटर पर टिकट खरीदने के लिये पुराने नोट स्वीकार किये जायेंगे।
- सार्वजनिक क्षेत्र की तेल कंपनियों द्वारा प्राधिकृत पेट्रोल, डीजल और गैस स्टेशनों पर पुराने नोट स्वीकार किये जायेंगे।
- इसी प्रकार अगले 72 घंटे तक केन्द्र और राज्य सरकारों द्वारा प्राधिकृत उपभोक्ता सहकारी स्टोरों और दूध बिक्री केन्द्रों पर 500 और 1,000 रुपए के पुराने नोट स्वीकार किये जायेंगे।
- दाह संस्कार स्थलों पर भी इस अवधि में पुराने नोट स्वीकार किये जायेंगे।
2: पुराने नोट बदलने के लिये जनता क्या कर सकती है: - अपने बैंक और डाकघर के खातों में 10 नवंबर से 30 दिसंबर 2016 तक बिना सीमा के पुराने 500 और 1,000 रुपए के नोट बदले जा सकते हैं।
- बैंक खाते से रोजाना अधिकतम 10,000 रुपए और सप्ताह में 20,000 रुपए तक निकाले जा सकते हैं। आने वाले दिनों में यह राशि बढ़ सकती है।
- 9 और 10 नवंबर को एटीएम काम नहीं करेंगे।
- पहले कुछ दिनों में एटीएम कार्ड से प्रतिदिन 2,000 रुपए तक निकाले जा सकेंगे, बाद में यह सीमा 4,000 रुपए तक बढ़ सकती है।
- 24 नवंबर तक अपना पहचान पत्र दिखाकर किसी भी बैंक अथवा डाकघर और छोटे डाकघर से 4,000 रुपए तक राशि के अपने पुराने 500 और 1,000 रुपए के नोट बदल सकेंगे।
-बैंक चेक, ड्राफ्ट, क्रेडिट कार्ड और इलेक्ट्रानिक फंड ट्रांसफर जैसे गैर-नकदी माध्यमों के जरिये लेनदेन पर कोई रोक नहीं।