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| Photo Courtesy : Hindustan Times |
नई दिल्ली: उत्तर प्रदेश के आगामी विधानसभा चुनाव में पूरी ताकत से उतरने के लिए
कांग्रेस ने तैयारियां शुरू कर दी हैं। लंबे समय से प्रियंका गांधी के चुनाव प्रचार करने को लेकर तरह-तरह के कयास लगाए जाते
रहे हैं। कभी खबरें आती है कि वह पूरे उत्तर प्रदेश में चुनाव कैंपेन करेंगी, कभी यह कहां जाता रहा है कि वह सिर्फ रायबरेली-अमेठी में ही
प्रचार करेंगी। इन तमाम अटकलों के बीच शुक्रवार को उत्तर प्रदेश कांग्रेस के
अध्यक्ष राज बब्बर ने साफ कर दिया की प्रियंका गांधी से उत्तर प्रदेश के चुनावों
में ज्यादा से ज्यादा समय देने की गुजारिश की गई थी और वह इसको लेकर बहुत सकारात्मक
भी हैं। ऐसी उम्मीद की जा रही है कि वह रायबरेली-अमेठी से बाहर निकल कर चुनाव
प्रचार करेंगी।
उत्तरप्रदेश कांग्रेस
प्रचार कमेटी के अध्यक्ष संजय सिंह ने कहा, "वह (प्रियंका) अहम भूमिका निभाने जा रही हैं। पहले हर चीज
पर फैसला हो जाने दीजिए"। उत्तरप्रदेश कांग्रेस कमेटी प्रमुख राजबब्बर ने कहा,
"यह तय किया गया है कि वह राज्य
चुनावों में पार्टी के लिए प्रचार करेंगी।
उन्होंने प्रचार के लिए
हमारा आग्रह स्वीकार लिया है. जब हमें उनका कार्यक्रम मिल जाएगा हम उस हिसाब से
काम करेंगे"। उन्होंने कहा कि चुनावी कार्यक्रम की घोषणा होने के बाद राज्य
में प्रचार के लिए उनकी योजना को लेकर और पता चलेगा।
प्रियंका गांधी के राज्य
भर में चुनाव प्रचार की रजामंदी मिल जाने की खबरों के बीच कांग्रेस के लिए एक और
परेशानी सामने आ सकती है। दरअसल प्रियंका गांधी भी अगर चुनाव प्रचार में राज्य भर
में सक्रिय होती हैं तो पार्टी को व्यवस्था इस तरह से संभालनी होगी कि उनके भाई राहुल
गांधी की छवि भी बरकरार रह सके। कहीं से भी प्रियंका गांधी का कद पार्टी उपाध्यक्ष
राहुल गांधी के सियासी कद से बड़ा न दिख जाए इसकी व्यवस्था भी पार्टी को खास तौर पर
देखनी होगी। लिहाज़ा राज्य भर में चुनाव प्रचार के लिए प्रियंका गांधी की
अनिवार्यता और प्रियंका की तुलना में राहुल गांधी का सियासी कद बनाए रखना पार्टी
के लिए दोहरी चुनौती होगी। देखना होगा इसको लेकर पार्टी की आगामी योजनाएं किस रूप
में सामने आती हैं।
जब राहुल गांधी की उत्तर
प्रदेश में यात्राएं थी उस वक्त भी प्रियंका गांधी के पोस्टर लगाए गए थे। उससे
पहले यह तय किया गया था कि प्रियंका गांधी का कोई भी पोस्टर अकेले नहीं लगाया
जाएगा और दूसरा उनकी फोटो राहुल गांधी के फोटो से छोटी लगेगी ताकि राहुल के कद को
कहीं छोटा करके ना देखा जाए।
राज बब्बर का कहना है कि
प्रियंका गांधी के आने से काफी फायदा होगा। उन्होंने साफ किया कि अभी चुनाव को
लेकर रणनीति बन रही है। समय और रणनीति के साथ कांग्रेस के चुनाव प्रचार की योजना
बनाई जाएगी।
उत्तर प्रदेश चुनाव की
रणनीति को लेकर शुक्रवार सुबह राहुल गांधी के घर पर उत्तर प्रदेश से जुड़े तमाम
बड़े नेताओं की बैठक हुई। बैठक में राहुल गांधी, प्रियंका गांधी, गुलाम नबी आजाद, राजबब्बर, शीला दीक्षित और संजय सिंह शामिल हुए। इस बैठक में एक बार फिर ये प्रस्ताव आया
कि प्रियंका गांधी को रायबरेली-अमेठी से बाहर निकल कर कैंपेन करना चाहिए। बताया जा
रहा है कि इस बैठक में राहुल गांधी, प्रियंका गांधी इस बात को लेकर सहमत हो गए कि वह उत्तर
प्रदेश में और ज्यादा समय दे सकती हैं और रायबरेली और अमेठी से बाहर निकल कर चुनाव
प्रचार कर सकती हैं।
अब तक लोकसभा चुनाव हो या
विधानसभा चुनाव प्रियंका गांधी ने खुद को रायबरेली-अमेठी तक ही खुद को सीमित रखा
रहा है। इन दोनों संसदीय क्षेत्र से बाहर उन्होंने कभी चुनाव प्रचार नहीं किया। हालांकि
कांग्रेस नेता अक्सर मांग करते रहे हैं कि उनको प्रदेश भर में चुनाव प्रचार करना
चाहिए। इसकी वजह साफ रही है कि कांग्रेसी प्रियंका गांधी में इंदिरा गांधी की छवि
को देखते रहे हैं। उनका मानना है कि प्रियंका गांधी, इंदिरा गांधी की तरह दिखती हैं। उन्हीं की तरह बोलती हैं।
जिसका फायदा पार्टी को मिल सकता है। हर बार के चुनाव में कांग्रेस नेताओं और
कार्यकर्ताओं द्वारा प्रियंका गांधी की उठती मांग को देखते हुए इस बार गांधी
परिवार में कहीं ना कहीं एक सहमति बनती दिख रही है की प्रियंका गांधी को भी अब
चुनाव में बड़ी भूमिका में दिखना चाहिए। यही वजह रही कि राहुल गांधी के घर हुई
मीटिंग में तमाम नेताओं की मांग पर राहुल और प्रियंका पॉजिटिव दिखाई दिए।
इससे पहले राजबब्बर ने
कहा था कि प्रियंका की मौजूदगी से पार्टी के लोगों के साथ ही राज्य के लोगों के
बीच विश्वास बढ़ेगा और उन्हें नई उर्जा मिलेगी। उन्होंने यह भी उल्लेख किया कि अगर
वह पर्याप्त समय देती हैं तो प्रियंका उत्तरप्रदेश में सभी 403 निर्वाचन क्षेत्रों में प्रचार कर सकेंगी।

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