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| Photo Courtesy : PMO |
नई दिल्ली: केंद्र की सत्तारूढ़ भाजपा सरकार के मुखिया और
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने एक बार फिर ‘सर्जिकल स्ट्राइक’ किया है। प्रधानमंत्री ने
देश में मौजुद कालाधन पर लगाम लगाम लगाने के लिए 500 और 1000 रुपये के नोट बंद करने का ऐलान किया है। ये नियम आज आधी
रात से लागू हो गईं। पीएम मोदी ने कहा कि जिनके पास 500 और 1000 रुपये के नोट
हैं वो 10 नवंबर से 30 दिसंबर तक बैंक
और प्रमुख डाकघरों में जमा कराकर उसके बदले में वैध रकम ले सकते हैं।
आनन फानन में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने राष्ट्र के नाम
अपने संबोधन में ये एलान किया। पीएम ने कहा कि 500 और हजार के नोटों के अलावा बाकी सभी नोट और
सिक्के नियमित हैं और उनसे लेन-देन हो सकता है। आपके पास 50 दिनों का समय
है। साथ ही पीएम ने कहा कि अगर किसी वजह से 30 दिसंबर तक लोग ये नोट जमा नहीं कर पाए, तो उन्हें एक
आखिरी मौका भी दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि ईमानदारी से पैसे कमाने वाले नागरिकों
के हितों की पूरी रक्षा की जाएगी।
प्रधानमंत्री ने अपने संबोधन में ये जानकारी भी दी कि 9 और 10 नवंबर को बैंकों
के ATM काम नहीं करेंगे।
11 नवंबर की रात से
12 बजे तक नागरिकों
के लिए कुछ विशेष व्यवस्था की गई है। पीएम ने कहा कि 11 नवंबर की रात्रि
12 बजे तक सभी
सरकारी अस्पतालों में पुराने 500 के नोट भुगतान के लिए स्वीकार किए जाएंगे। इसी तरह 72 घंटों तक रेलवे
के टिकट बुकिंग काउंटर, सरकारी बसों के
टिकट बुकिंग काउंटर और हवाई अड्डों पर भी केवल टिकट खरीदने के लिए पुराने नोट
मान्य होंगे। उन्होंने कहा कि आपकी धनराशि आपकी ही रहेगी, आपको कोई चिंता
करने की जरूरत नहीं है।
पीएम ने अपने संबोधन में कहा कि पिछले दशकों में हम यह
अनुभव कर रहे हैं कि देश में भ्रष्टाचार और कालाधन नामक बीमारियों ने अपनी जड़ें
जमा ली हैं। भ्रष्टाचार और कालेधन का जाल तो तोड़ने के लिए सरकार सख्त कदम उठा रही
है और परिणाम भी दे रहे हैं।
प्रधानमंत्री मोदी के राष्ट्र के नाम संबोधन से महज बीस
मिनट पहले पत्र सूचना कार्यालय की ओर से भेजे गए मैसेज के बाद इस बात के कयास लगाए
जा रहे थे कि पाकिस्तान की तरफ से लगातार हो रही फायरिंग को लेकर पीएम देश को
आश्वस्त कर सकते हैं। साथ देश की मौजूदा हालात के बारे में देश को बता सकते हैं।
दअसल आज दिन में राष्ट्रीय सुरक्षा को लेकर प्रधानमंत्री
नरेंद्र मोदी की अगुवाई उच्चस्तरीय बैठक हुई। बैठक में पीएम मोदी के साथ तीनों
सेनाओं के प्रमुख और राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार भी शामिल हुए थे। सीमा पर फायरिंग
की बढ़ती घटनाओं को लेकर बैठक में चर्चा हुई। साथ ही राजनाथ सिंह ने भी एक बड़ी
मीटिंग की।
मीटिंग में बॉर्डर के हालात और भारतीय फौज की तैयारियों पर
चर्चा हुई। पिछले दिनों सीमा पर भारतीय फौज के पलटवार और पाकिस्तान की कई पोस्ट
तबाह करने के बाद ये पीएम मोदी की सेना प्रमुख के साथ पहली अहम बैठक है।
सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक इस हाईलेवल मीटिंग में
पीएम मोदी आर्मी प्रमुख ने सीमा पर ताजा हालात के बारे में जानकारी ली और कई आदेश
दिए। साथ ही बैठक में अजीत डोभाल ने भी सीमा सुरक्षा को और सख्त करने के लिए अपने
सुझाव दिए।

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