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| Photo Courtsey : PIB |
उदयपुर: नशीली दवाओं एवं मादक पदार्थों की एक सबसे बड़ी जब्ती के
तहत केन्द्रीय उत्पाद एवं सीमा शुल्क बोर्ड की शीर्ष तस्करी रोधी एजेंसी राजस्व
खुफिया निदेशालय (डीआरआई) के अधिकारियों ने लगभग साढ़े तेइस मीट्रिक टन प्रतिबंधित
मादक पदार्थ मैंड्रैक्स गोलियां (मेथाक्वालोन) जब्त की हैं। डीआरआई के अधिकारियों
ने अपने इस कार्य को सफलतापूर्वक अंजाम देने के लिए उदयपुर स्थित सीमा सुरक्षा बल
के अधिकारियों के सक्रिय सहायता ली है।
इस आशय की सूचना मिली थी कि बड़ी मात्रा में मैंड्रैक्स
गोलियों को मुंबई स्थित एक मास्टरमाइंड ने उदयपुर (राजस्थान) स्थित एक परिसर में
छिपा कर रखा है। 28 अक्टूबर, 2016 को डीआरआई के
अधिकारियों की एक टीम ने उदयपुर के कलादवास के भामाशाह औद्योगिक क्षेत्र स्थित में
मेसर्स मरुधर ड्रिंक्स के परिसरों पर छापा मारा।
तलाशी के दौरान डीआरआई के अधिकारियों को एक ऐसे छिपे हुए
कमरे के बारे में पता चला जो मैंड्रैक्स गोलियों के डिब्बों से भरा पड़ा था। इन
गोलियों की कुल संख्या तकरीबन 2 करोड़ रहने का अनुमान लगाया गया है, जिनका वजन तकरीबन
23.5 मीट्रिक टन (23500 किलोग्राम) है।
जब्त की गई गोलियों का अंतर्राष्ट्रीय बाजार मूल्य 3000 करोड़ रुपये से भी ज्यादा रहने का अनुमान
लगाया गया है। यह न केवल भारत, बल्कि पूरी दुनिया में मेथाक्वालोन की अब तक की एक सबसे
बड़ी जब्ती है। इस गैर कानूनी धंधे के मास्टरमाइंड को डीआरआई द्वारा गिरफ्तार कर
लिया गया है और इस धंधे में लिप्त अन्य लोगों को गिरफ्त में लेने के लिए आगे की
कार्रवाई की जा रही है।
मैंड्रैक्स का मुख्य कच्चा माल एसिटिक एनहाइड्राइड है, जिसे श्रीनाथ
इंडस्ट्रीज, राजसमंद में इस गिरोह द्वारा निर्मित किया गया था।
मेथाक्वालोन एक अवसाद है, जिसकी ज्यादा खुराक लेने पर संबंधित व्यक्ति
कोमा में जा सकता है और उसकी मौत भी हो सकती है। इसे आम तौर पर मैंड्रैक्स, एम-पिल्स, बटन, या स्मार्टीज के
रूप में जाना जाता है।

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