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| Photo Courtesy : The Indian Express |
नई दिल्ली: काले धन पर विशेष जांच
दल (एसआईटी) के चेयरमैन न्यायाधीश (सेवानिवृत्त) एमबी शाह ने 1000 रुपये व 500 रुपये मूल्य के
नोटों के बारे में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के फैसले को ‘साहसी’ कदम बताते हुए
कहा है कि इससे काले धन पर लगाम लगाने में मदद मिलेगी।
शाह ने कहा,‘ यह बहुत ही अच्छा फैसला है। यह साहसी कदम है और इससे काले
धन की समस्या से निपटने में मदद मिलेगी।’ उन्होंने कहा कि इस फैसले का असर उन लोगों पर होगा
जिन्होंने अघोषित संपत्ति व आय जमा कर रखी है और इसका खुलासा सरकार द्वारा दो साल
में घोषित कालाधन घोषण योजना के तहत नहीं किया था। शाह ने कहा,‘ यह बहुत जरूरी
कदम है।’
उधर सत्ताधारी भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अध्यक्ष
अमित शाह ने भी इसे साहसिक फैसला करार दिया है। उन्होंने कहा कि काले धन के खिलाफ
लड़ाई निर्णायक मोड़ पर है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मंगलवार रात को राष्ट्र
के नाम संबोधन में कहा कि मंगलवार मध्य रात्रि से 500 और 1000 के नोट गैरकानूनी होंगे। उन्होंने कहा कि लोगों को परेशान
होने की जरूरत नहीं है,
30 दिसंबर तक 500 और 1000 रुपये के पुराने
नोट बैंकों और डाकघरों में जमा कराएं। पीएम ने बताया कि कुछ जगहों पर अगले दो दिन
एटीएम काम नहीं करेंगे।
भ्रष्टाचारियों से हम सवा लाख करोड़ रुपये का काला धन वापस
लाए। उन्होंने कहा कि भ्रष्टाचार और आतंकवाद के खिलाफ निर्णायक लड़ाई जरूरी है। 500 से 1000 रुपये के नोट 80 से 90 फीसदी हो गए
हैं। प्रधानमंत्री ने कहा कि हिंदुस्तान का सामान्य नागरिक ईमानदार है। उन्होंने
कहा कि जाली नोटों का जाल देश को तबाह कर रहा है। इन आतंकियों को कहां से पैसा नसीब
होता होगा। काले धन का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि इसके खिलाफ हमने एसआईटी
बनाई, कानून बनाया।
विदेशों का काला धन लाने के लिए समझौते भी किए।

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