शनिवार, 5 नवंबर 2016

उत्तर प्रदेश: सपा परिवार की तनातनी छिंटाकशी तक सिमटी,सपा के मंच से गरजे 'मंडल क्षत्रप'

Photo Courtesy: NDTV
लखनऊ: उत्तर प्रदेश में सत्ताधारी समाजवादी पार्टी के रजत जयंती समारोह के मौके पर समाजवादी पार्टी परिवार के भीतर पिछले दिनों मची तनातनी आज महज़ छिंटाकशी तक सिमट कर रह गया। समाजवादी पार्टी की स्थापना के रजत जयंती समारोह के मंच पर आज मुख्यमंत्री अखिलेश यादव तथा पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष शिवपाल सिंह यादव बेहद गर्मजोशी से मिले। समारोह शुरू होने से करीब आधा घंटा पहले जनेश्वर मिश्रा पार्क पहुंचे सीएम अखिलेश यादव ने काफी देर तक शिवपाल सिंह यादव के साथ मंच पर बातचीत की। मंच पर पहुंचने के साथ ही सीएम अखिलेश व शिवपाल सिंह में बेहद गर्मजोशी दिखी। अखिलेश के साथ शिवपाल ने एक दूसरे से मुस्कुरा कर बात की। आज मंच पर परिवर्तन के अखिलेश के कुछ सुझाव को शिवपाल ने शामिल किया। चाचा-भतीजा ने आज के कार्यक्रम की रूपरेखा पर बात की।
इससे भी बढ़कर चाचा शिवपाल ने अपने भाषण में न केवल भतीजे अखिलेश को राज्य का लोकप्रिय मुख्यमंत्री के रूप में संबोधित कर अपनी ओर से चल रही तनातनी में संघर्ष विराम का एलान किया बल्कि ये स्पष्ट करके उन्हें कभी भी मुख्यमंत्री नहीं बनना है, पिछले दिनों उड़ रही आशंकाओं और भ्रम को दूर करने की कोशिश भी की।
सपा का रजत जयंती समारोह मुलायम परिवार के बीच संघर्ष विराम से एक कदम आगे निकल कर देश भर में मंडल आंदोलन से उपजे क्षत्रपों के 2019 लोकसभा चुनाव में केंद्र में सत्तारूढ़ भाजपा के खिलाफ एक मजबूत विकल्प के रूप में मैदान में उतरने की रणनीति की शुरूआत का भी गवाह बनता दिखा। इसकी शुरूआत मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने अपने भाषण से की। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री अखिलेश यादव का मानना है कि उत्तर प्रदेश का विधानसभा चुनाव देश की दिशा तथा दशा को तय कर देगा। उन्होंने जनता से अच्छा फैसला करने का अनुरोध भी किया। अखिलेश यादव ने कहा कि इस बार उत्तर प्रदेश का विधानसभा चुनाव देश की दिशा व दशा तय करेगा। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश में सांप्रदायिक ताकतों को रोकना हमारा मुख्य लक्ष्य है। हमको एकजुट होकर इनको रोकना होगा। उन्होंने कहा कि हमको भरोसा है कि उत्तर प्रदेश में एक बार फिर से हमारी सरकार बनेगी। हमने प्रदेश के हर कोने को विकास की रोशनी दिखाई है। जनता को तय करना है कि एक बार फिर हमको पूर्ण बहुमत की सरकार देकर विकास की इस गंगा को और आगे बढ़ाएं। उन्होंने कहा कि देश किस ओर जाएगा यूपी की जनता तय करेगी। उन्होंने कहा कि लोगों ने लैपटॉप से नेताजी व हमारी तस्वीर को हटाने का प्रयास किया, लेकिन नहीं हटा पाए। समाजवाद ने देश-दुनिया को तरक्की का रास्ता दिखाया है। समाजवादी सरकार दोबारा पूर्ण बहुमत के साथ लौटे।
अखिलेश ने कहा कि यह भ्रम फैलाया गया कि हम अंग्रेजी भाषा के खिलाफ हैं। जबकि हम नहीं है। इससे पहले 2011 में नेताजी के जन्मदिन पर हमने अंग्रेजी मे विज्ञापन दिया था। हमने देश के सामने विकास का उदाहरण पेश किया है। प्रदेश में एक्सप्रेस-वे और मेट्रो आदि योजनाएं पेश की। 55 लाख महिलाओं को बिना भेदभाव के पेंशन दे रहे। उधर भाजपा ने आदर्श गांव के नारा के अलावा किसी को कुछ नहीं दिया। भाजपा तो लोगों के बीच दूरियां पैदा करने का काम करती है जबकि हम तो दिलों को जोड़ते हैं। हम सब मिलकर एक बार फिर उत्तर प्रदेश में 2017 में तथा देश में 2019 में सरकार बनाएंगे। इस मौके पर अखिलेश ने पार्टी की रजत जयंती पर पार्टी के साथ ही मुखिया मुलायम सिंह यादव को बधाई दी।
इस समारोह को पूर्व प्रधानमंत्री एचडी देवेगौड़ा के साथ राष्ट्रीय लोकदल के अध्यक्ष अजित सिंह, राष्ट्रीय जनता दल के अध्यक्ष लालू प्रसाद यादव के साथ राम जेठमलानी तथा पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष शिवपाल सिंह यादव ने भी संबोधित किया।
राष्ट्रीय जनता दल के अध्यक्ष लाल प्रसाद यादव ने कहा कि काफी दिन से सुन रहा हूं कि शिवपाल सिंह यादव तथा मुख्यमंत्री अखिलेश यादव में तनातनी चल रही है। मुझे तो ऐसा कुछ भी नही लगा। शिवपाल बाबू तथा अखिलेश के संबंध बहुत मधुर हैं। सभी लोग मिलकर समाजवादी पार्टी को एक बार फिर से उत्तर प्रदेश की सत्ता दिलाएंगे। हमारे समाज में कोई लड़ता नहीं है। लालू प्रसाद यादव ने कहा कि पूरी शक्ति से सपा को विजय दिलाएंगे। उन्होंने पीएम मोदी पर भी निशाना साधा। लालू ने कहा कि देश की सीमा की क्या हालत। 56 इंच का सीना तथा कालाधन कहां गया। इस सरकार पर तो लोकतंत्र के चौथे स्तंभ पर हमला हो रहा है।

राष्ट्रीय लोकदल के राष्ट्रीय अध्यक्ष चौधरी अजित सिंह ने समाजवादी पार्टी के मुखिया मुलायम सिंह यादव को अपना सर्वमान्य नेता माना है। आज देवेगौड़ा के साथ ही अजित सिंह लखनऊ में समाजवादी पार्टी के रजत जयंती समरोह में अतिथि थे। चौधरी अजित सिंह ने कहा कि राष्ट्रीय लोकदल को खड़ा करने में समाजवादी पार्टी के मुखिया मुलायम सिंह यादव ने काफी मेहनत की थी। मुझे लगता है उससे अधिक मेहनत इन्होंने समाजवादी पार्टी को इस मुकाम पर लाने में की है। अजित ने कहा कि देश तथा प्रदेश में अब गठबंधन बनाना बेहद जरूरी है। अब हमारी निगाह 2019 के लोकसभा चुनाव पर है, लेकिन हमको अभी भी एकजुट होकर भारतीय जनता पार्टी को उत्तर प्रदेश में लाने से रोकना होगा। उन्होंने कहा कि देश में सरकार बदली है, अब मुलायम सिंह यादव ही एक बार फिर से अगुवाइ करें, जिससे कि हम लोग भाजपा को उत्तर प्रदेश में आने से वंचित कर दें।
पूर्व प्रधानमंत्री एसडी देवेगौड़ा ने अपने दस माह के कार्यकाल को पड़ोसियों के साथ देश का सर्वोत्तम समय बताया। समाजवादी पार्टी की स्थापना के रजत जयंती समारोह के मंच से आज देवेगौड़ा ने सपा के मुखिया मुलायम सिंह यादव को अपना सर्वमान्य नेता माना। देवेगौड़ा ने कहा कि मेरे प्रधानंमत्री तथा मुलायम सिंह यादव के रक्षामंत्री के कार्यकाल के दौरान देश की सीमा बेहद सुरक्षित थी। उन्होंने कहा कि इस दौरान कश्मीर में कोई छुटपुट घटना भी नहीं हुई थी, और तो और कभी वहां पर धारा 144 तक नहीं लगी। देश के रक्षा मंत्री मुलायम सिंह यादव थे और किसी भी सीमा पर कोई हरकत तक नहीं हुई थी। आज के दौर में एक बार फिर से विपक्षी एकता को मजबूत करने की बेहद जरूरत है।
देवेगौड़ा ने कहा अगर समाजवादी पार्टी उत्तर प्रदेश में मजबूत रहेगी तो देश में विपक्षी एकता भी मजबूत होगी। हम लोग मुलायम सिंह यादव के नेतृत्व में धर्मनिरपेक्ष ताकतों को मजबूत करने का काम करेंगे। उन्होंने कहा कि आज सांप्रदायिक ताकतें लौह पुरुष सरदार पटेल के नाम पर सत्ता का सुख भोग रहे हैं जिन्होंने कई रियासतों का विलय कराया था। यह लोग देश बांटने में लगे हैं। उन्होंने कहा कि अब हम लोगों को मुलायम सिंह यादव के नेतृत्व में एक बार फिर प्लेटफार्म पर आकर 1997 में छूटी गाड़ी को एक बार फिर पकडऩा है।
सभा को राज्यसभा सदस्य तथा वरिष्ठ अधिवक्ता राम जेठमलानी ने भी संबोधित किया। उन्होंने कहा कि मैंने ही प्रधानमंत्री के नाम पर नरेंद्र मोदी के नाम की संस्तुति करवाई थी। उस समय मोदी ने कहा था कि देश का 90 लाख करोड़ ब्लैक मनी देश में वापस लाने का काम होगा। जेठमलानी ने कहा कि जब ऐसा नहीं हुआ तब मेरी मोदी से नाराजगी बढ़ गई। उन्होंने कहा कि स्विस बैंक ने 1400 लोगों का नाम सरकार को सौंपा है, लेकिन अभी तक एक के खिलाफ भी कार्रवाई नहीं हुई है। उन्होंने कहा कि अब मैं 94 वर्ष का एक बुजुर्ग व्यक्ति हूं, अब बस एक ही इच्छा है कि भाजपा के भी बेईमान नेताओं को जेल में देखना।
समाजवादी पार्टी की स्थापना के रजत जयंती समारोह के मंच से आज पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष शिवपाल सिंह यादव ने ऐलान कर दिया कि उनको कभी भी उत्तर प्रदेश का मुख्यमंत्री नहीं बनना है। जनेश्वर मिश्रा पार्क के मंच से आज उन्होंने सभी अतिथियों का स्वागत करने के दौरान अपने मन की बात भी कह दी।
समाजवादी पार्टी के रजत जयंती समारोह के कर्ताधर्ता शिवपाल सिंह यादव ने आज मंच से अपनी बातों को सभी तक पहुंचा दिया। शिवपाल सिंह ने कहा कि इस समारोह में उत्तर प्रदेश के लोकप्रिय मुख्यमंत्री अखिलेश यादव का स्वागत है। उन्होंने कहा कि पार्टी को यहां तक लाने में पार्टी के मुखिया मुलायम सिहं यादव के जीवन लग गया है। उन्होंने कहा कि मैं भी उनके साथ लगा रहता था। उन्होंने कहा कि इस दौरान मुझे काफी कुछ झेलना भी पड़ा। शिवपाल ने कहा कि मेरा जितना भी अपमान कर लेना चाहे बर्खास्त कर लेना, लेकिन मुझे कभी भी मुख्यमंत्री नहीं बनना है।
शिवपाल ने कहा कि बतौर मंत्री हमने अखिलेश का बहुत सहयोग किया। अभी भी हमारी क्षमता काफी बड़ी है। आप जितना त्याग चाहोगे उतना देंगे, खून भी देंगे। उन्होंने कहा कि बतौर मुख्यमंत्री अखिलेश ने बहुत काम किया। हमने भी उनके साथ मंत्री के तौर पर काफी काम किया। इससे पहले भी तीन महीने के काम को खत्म करने में लोगों ने कई वर्ष लगा दिया। हमने प्रदेश के 25 सहकारी बैंक बंद होने से बचाया। शिवपाल ने कहा कि बंद हो रही बैंकों को मैंने शुरू कराया। अब वहां अच्छा काम हो रहा है। इस प्रदेश में 36 वर्ष से राजस्व संहिता लागू नहीं हो पा रही थी। प्रदेश के कई अधिकारियों ने काम में बहुत रोड़े अटकाए, इसके बाद भी हमने लागू करा दिया। मैंने अपने विभागों में बहुत काम किया। सिंचाई और राजस्व विभाग में बहुत काम किया।
शिवपाल ने कहा कि देश के पूर्व प्रधानमंत्री स्वर्गी चौधरी चरण सिंह नेताजी का बहुत मानते थे। इसकी कारण सब संघर्ष के साथी आज यहां पर एकत्र हैं। आज जनेश्वर मिश्रा पार्क में संघर्षों का जश्न मनाया जा रहा है। शिवपाल ने कहा कि लालू प्रसाद यादव साम्प्रदायिक शक्तियों से लड़ाई लड़ते हैं। हम लालू प्रसाद यादव का स्वागत करते हैं। लालू प्रसाद से हम लोगों का रिश्ता भी हो गया है। लालू यादव बड़े भाई की तरह है। शिवपाल ने इस दौरान चौधरी अजित सिंह का भी स्वागत किया। शिवपाल ने कहा कि शरद यादव ने इंदिरा गांधी के खिलाफ जोखिम भरा चुनाव लड़ा था। हम लोग शरद यादव को उस दौर में अमेठी में गुंडों से बचा कर लाए थे। शरद यादव के साथ पैदल यात्रा भी की है। नेताजी के साथ ही पूर्व प्रधानमंत्री एसडी देवगौड़ा का हृदय की गहराईयों से स्वागत। देवगौड़ा ने सभी समाजवादियों को जोडऩे का काम किया,दक्षिण भारत से लेकर पूरे देश के समाजवादियों को जोड़ा। आज लोहिया और जनेश्वर जी को याद कर रहे हैं। देवगौड़ा का जीवन संघर्षों से भरा पड़ा है।
देश में 25 वर्ष समाजवादी इतिहास के पूरे कर रहे हैं। नेताजी के संघर्षों का परिणाम है कि हमारी उत्तर प्रदेश में तीन बार सरकार बनी थी। सपा प्रदेश अध्यक्ष शिवपाल ने कहा कि नेताजी की पूरा जीवन संघर्षो का इतिहास है। उनकी प्रेरणा से आज यहां 467 एकड़ में ऐतिहासिक जनेश्वर मिश्र पार्क बना है।
कभी जनता दल युनाइटेड के नेता शरद यादव ये मानते रहे और सार्वजनिक तौर पर कहते भी रहे कि समाजवादियों को एक जगह लाना टोकरी में मेढ़क को एक साथ रखने के समान है। लेकिन 2014 में जिस तरह भारतीय जनता पार्टी को जनादेश मिला उससे मंडल के क्षत्रपों में बेचैनी है। इसी क्रम में बिहार में भाजपा के खिलाफ महागठबंधन को मिली सफलता से उत्साहित मंडल क्षत्रप एक बार फिर इस प्रयोग को न केवल उत्तर प्रदेश में दोहराना चाहते हैं, बल्कि राष्ट्रीय स्तर पर भी भाजपा के खिलाफ एक मजबूत विकल्प के रूप में उभरने की महत्वाकांक्षा रखते हैं। देर सबेर इस समुह से पश्चिम बंगाल के तृणमूल, ओढिसा से बीजू जनता दल और तमिलनाडु से धुर विरोधी रहे द्रमुक या अन्नाद्रमुक जैसे सियासी क्षत्रपों को मिला कर कांग्रेस की तुलना में एक बेहतर और मजबूत विकल्प बनाया जा सकता है। एतिहासिक तौर पर कभी कमंडल के अश्वमेघ को रोकने में मंडल के सियासी प्रयोग ने सफलता भी पाई थी।
समाजवादी पार्टी का रजत जयंती समारोह दरअसल इसी कोशिश को अमली जामा पहनाने की शुरूआत भर है। ज़ाहिर है, इस प्रयास को अभी लंबी दूरी तय करना है।

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