![]() |
| Photo Courtesy : The Quint |
नई दिल्ली : उड़ी हमले का मुंहतोड़ जबाव देते हुए भारतीय सेना ने
नियंत्रण रेखा पार कर एक साहसिक अभियान में कम से कम बीस आतंकियों को मार गिराया
है। ऑन लाइन न्यूज़ पोर्टल ‘द क्वींट’
के मुताबिक इलीट 2 पैरा के दो युनिट के कम से
कम 18-20 जवानों ने सैन्य हेलिकॉप्टर की मदद से नियंत्रण रेखा पार कर पाकिस्तान के
कब्जे वाले कश्मीर में इस खतरनाक अभियान को अंजाम देते हुए आतंकियों के तीन शिविर
पर हमला बोला जिसमें कम से कम बीस आतंकवादी मारे गए हैं।
सूत्रों के
मुताबिक हमले में मारे गए 20 आतंकियों के अलावा कम से कम 200 लोग जख्मी हैं। सैन्य
सूत्रों से प्राप्त इस जानकारी की पुष्टि द क्वींट ने दो अन्य स्वतंत्र सूत्रों से
भी की जिसके मुताबिक 20-21 सितंबर के बीच इस अभियान को अंजाम दिया गया।
20 सितंबर की रात
को पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर (पीओके) को नो फ्लाई जोन घोषित करने के
पाकिस्तानी कार्रवाई के पीछे भारतीय सैनिकों के इसी अभियान को वजह बताया जा रहा
है। इस एयर स्पेश प्रतिबंध को ही पाकिस्तान के राष्ट्रीय विमानवाहक पाकिस्तान
इंटरनेशनल एयरलाइन (पीआईए) की ओर से पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर के गिलगिट और
स्कर्दू सहित उत्तरी इलाकों के शहरों के लिए जाने वाली फ्लाइटों को रद्द किए जाने
की वजह बताया जा रहा है। पीआईए ने पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर (पीओके) स्थित
गिलगिट-बाल्टिस्तान इलाके में स्थित गिलगिट और स्कर्दू और खैबर-पख्तुनख्वा प्रांत
के चित्राल के लिए जाने वाली अपनी फ्लाइट रद्द करने की घोषणा की थी। पीआई प्रवक्ता
डेनियल गिलानी ने मंगलवार देर शाम ये जानकारी ट्वीट करके साझा किया था।
पाकिस्तान के
प्रधानमंत्री नवाज़ शरीफ ने संयुक्त राष्ट्र में दिए जाने वाले अपने भाषण से पहले
जिसमें वो कश्मीर मुद्दा उठाने वाले थे, अपने थल सेनाध्यक्ष जनरल रहील शरीफ से टेलिफोन पर बात की। ऐसा माना जा रहा है
कि उन्होंने इस बातचीत में भारतीय सेना के इस अभियान पर भी विचार विमर्श किया।
इससे पहले बुधवार
को रक्षा मंत्री मनोहर पर्रिकर ने कहा कि उड़ी हमले का मुंहतोड़ जबाव दिया जा सकता
है। उन्होंने कहा, “भारत क्या कर
सकता है, इसको विस्तार में नहीं
बताउंगा लेकिन कभी-कभी ठोस जबाव देना जरूरी होता है”। उड़ी हमला में 18 जवानों के शहीद होने के कुछ ही घंटों
बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ट्वीट कर कहा था हमले के पीछे शामिल लोगों को ‘छोड़ा नहीं जाएगा’। भारत ने उड़ी हमले के पीछे पाकिस्तान में सक्रिय
जैश-ए-मोहम्मद का हाथ बताया था।
विदेश मंत्रालय
की ओर से जारी बयान में उड़ी आतंकी हमले में इस्तेमाल किए गए जीपीएस जिसमें हमला
स्थल तक पहुंचने की जानकारी है, पाकिस्तान के
मुहर वाले ग्रेनेड, संचार से संबंद्ध
कुछ दस्तावेज, संचार उपकरण सहित
पाकिस्तान में निर्मित भोजन सामग्री, दवाइयां और कपड़े सहित कुछ अन्य सामग्री बरामद किए गए हैं। विदेश सचिव एस
जयशंकर ने भारत में पाकिस्तान के उच्चायुक्त अब्दुल बासित को बुधवार को समन किया
और पाकिस्तान में भारत विरोधी आतंकी नेटवर्क के खिलाफ पाकिस्तान के कार्रवाई की
मांग की।

कोई टिप्पणी नहीं:
एक टिप्पणी भेजें