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| Photo Courtesy : ADG PI |
नई दिल्ली: भारत पाकिस्तान प्रायोजित आतंकवाद का लगभग तीन
चार दशकों से शिकार हो रहा है। इन सालों में नियंत्रण रेखा पर घुसपैठ के जरिए
आतंकियों को भारत की सीमा में भेजना और फिर बड़े आतंकी घटना को अंजाम देना
पाकिस्तान की नीति का हिस्सा बनता गया। पठानकोट, पुंछ और उरी में पाकिस्तान ने जब सब्र का बांध तोड़ दिया तो
मजबूर होकर भारत को सर्जिकल स्ट्राइक का सहारा लेना पड़ा। भारतीय कमांडो ने पाकिस्तान के कब्जे वाले इलाके में घुसकर आतंकियों को ढेर किया और उनके लान्च पैठ को नष्ट
कर दिया। इस खतरनाक ऑपरेशन को अंजाम देकर हमारे जवान सुरक्षित अपनी सीमा में लौट
भी आए। इस तरह के ऑपरेशन को आम तौर पर सर्जिकल स्ट्राइक की संज्ञा देते हैं।
सर्जिकल स्ट्राइक
होती क्या है। सर्जिकल स्ट्राइक यानी दुश्मन को उसी के घर में घुसकर मार गिराना।
ऐसे हमले बड़े पैमाने पर नुकसान पहुंचाने के लिए नहीं बल्कि सीमित दायरे में मौजूद
दुश्मन को मार गिराने के लिए किए जाते हैं।
क्या होती है
सर्जिकल स्ट्राइक?
- हमले की जगह की पुरी जानकारी जुटाई जाती है।
- उसी के हिसाब से
हमले की पूरी योजना बनाई जाती है।
- सर्जिकल स्ट्राइक
को अंजाम देने के लिए कमांडो दस्ता तैयार किया जाता है।
- बहुत ही गोपनीय
तरीके से कमांडो दस्ते को टार्गेट तक पहुंचाया जाता है।
- फिर होता है
दुश्मन पर चौतरफा हमला।
- दुश्मन को संभलने
के मौका दिए बगैर उसे घेरकर वहीं तबाह कर दिया जाता है।
- हमले को अंजाम
देने के बाद कमांडो जिस तेज़ी से गए थे उसी तेज़ी से वापस लौट आते हैं।
- सर्जिकल स्ट्राइक
के दौरान इस बात का ख़ास ख़्याल रखा जाता है कि आसपास रहने वाले लोगों, इमारतों और गाड़ियों को कोई नुकसान नहीं
पहुंचे।
पहले कब हुआ
सर्जिकल स्ट्राइक?
- NSCN के आतंकियों ने 4 जून 2015 को मणिपुर के चंदेल में फौज की टुकड़ी पर हमला किया था।
- इस आतंकी हमले
में 18 जवान शहीद हुए थे।
- 10 जून 2015 को इस हमले का बदला लेने के लिए भारतीय जवानों
ने म्यांमार की सीमा में घुसकर सर्जिकल स्ट्राइक को अंजाम दिया था।
- तब फौज ने
म्यांमार में दाखिल होकर आतंकी संगठन NSCN के टेरर कैंप को तबाह किया था।
जब भी सर्जिकल
स्ट्राइक का नाम आएगा। अमेरिका के ओसामा बिन लादेन के खिलाफ की गई कार्रवाई को
जरूर याद किया जाएगा। 11 सितंबर 2001 को लादेन के आतंकी संगठन अल क़ायदा के
आतंकियों ने न्यूयॉर्क के वर्ल्ड ट्रेड सेंटर की दो इमारतों को अगवा किए गए विमान
से उड़ा दिया। 15 साल पुरानी इन
तस्वीरों ने पूरी दुनिया को हिला कर रख दिया था। दुनिया के सबसे बर्बर आतंकी हमले
में करीब 3 हजार लोग मारे गए थे... 9/11 हमले के बाद से अमेरिकी खुफिया एजेंसियां
पागलों की तरह ओसामा बिन लादेन की तलाश में जुट गईं।
10 साल बाद पता चला
कि ओसामा बिन लादेन पाकिस्तान के एबटाबाद में छिपा बैठा है। इसके बाद अमेरिका ने
अपने सबसे बड़े दुश्मन को खत्म करने के लिए सर्जिकल स्ट्राइक की खुफिया रणनीति
बनाई।
अमेरिका के सबसे
खतरनाक कमांडो कहे जाने वाले सील की टुकड़ी दो हेलीकॉप्टर में सवार होकर रात के
अंधेरे में एबटाबाद पहुंची। इसके बाद थोड़ी देर तक लादेन का मकान गोलियों और बमों
की तड़तड़ाहट से थर्राता रहा। गोलियों की आवाज़ तभी थमी जब अमेरिकी फौज ने लादेन
को मार गिराया। इसके बाद अमेरिकी कमांडो जैसे आए थे, वैसे ही लौट गए।

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