सोमवार, 31 अक्टूबर 2016

कश्मीर में 3 महीने में 27 स्कूल जलाए गए, केंद्र ने मांगी रिपोर्ट, हाई कोर्ट भी सख्त

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श्रीनगर : कश्मीर घाटी में आतंकियों ने नया टारगेट खोजा है। स्कूल जलाओ ताकि कश्मीर घाटी के बच्चों की ज़िन्दगी संवरने का मुख्य जरिया ही न रहे। एक तरफ तो घाटी में बंद की वजह से बच्चे ऐसे ही स्कूल नहीं जा पा रहे जबकि दूसरी आतंकी लगातार सरकारी स्कूलों को निशाना बना रहे हैं। हालांकि दूसरी तरफ कश्मीरी अलगाववादी नेताओं के बच्चे मजे से अपनी स्कूली पढ़ाई पूरी कर रहे हैं।
जम्मू-कश्मीर में आतंकी हमलों और सीमापार से फायरिंग के बीच घाटी में बच्चों के स्कूलों को निशाना बनाया जा रहा है। राज्य की अलगाववादी ताकतों और आतंकियों ने पिछले 3 महीने में 27 स्कूलों को जलाया है। रविवार को अनंतनाग के ऐशमुकाम के जवाहर नवोदय विद्यालय को आतंकियों ने फूंक दिया। पिछले दो दिन में 3 स्कूलों को आग के हवाले कर दिया गया। इस घटना को लेकर केंद्र सरकार ने भी जम्मू कश्मीर सरकार से रिपोर्ट मांगी है। वहीं जम्मू और कश्मीर हाईकोर्ट ने भी इस मामले में संज्ञान लिया है।
जम्मू कश्मीर हाईकोर्ट की श्रीनगर बेंच मामले की संज्ञान लेकर कहा है कि स्कूलों में आग की घटनाओं ने झकझोर दिया है और इस स्थिति पर विचार करने की जरूरत है। स्कूलों की इमारत जलाने वाले शिक्षा के दुश्मन हैं। वहीं मुख्य सचिव, डीजीपी, शिक्षा विभाग के डायरेक्टर को आदेश दिया है कि स्कूलों को जलने से बचाने के लिए जरूरी कदम उठाएं जाएं। 7 नवंबर को मामले पर अगली सुनवाई होनी है।
जम्मू कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री फारुख अब्दुल्ला ने स्कूलों को जलाने की घटना पर कहा है कि इसके पीछे बड़ा षडयंत्र दिख रहा है। कुछ लोग नहीं चाहते की जम्मू कश्मीर के बच्चे पढ़े-लिखे हों।
कश्मीर के अनंतनाग जिले में एक सरकारी स्कूल की इमारत में आग लगा दी गई। रविवार को लगाई गई इस आग पर आस-पास के लोग जब तक काबू पाते, इमारत का ज्यादातर हिस्सा जल गया था। जिस स्कूल में आग लगाई गई वह अनंतनाग का ऐशमुकाम स्थित जवाहर नवोदय विद्यालय है।
उधर केंद्रीय सूचना एवं प्रसारण मंत्री वेंकैया नायडू ने इसे मूर्खता और देशद्रोह से मिली हुई घटना करार दिया है। उन्होंने कहा कि अपने ही बच्चों के साथ ऐसा सलूक किया जा रहा है। देश इसे बर्दाश्त नहीं करेगा। स्थानीय लोग भी इसका विरोध कर रहे हैं। वहीं जम्मू-कश्मीर के डिप्टी सीएम निर्मल सिंह ने कहा कि ऐसा करने वाले लोगों को मध्यकालीन युग की तराफ धकेल रहे हैं। बच्चों के फ्यूचर को खराब कर रहे हैं। आपने देखा है कि हमारे बच्चे IAS में जा रहे हैं, टॉप कर रहे हैं। मेनस्ट्रीम में जा रहे हैं। अगर ऐसा ही होता रहा तो इन्हें पत्थर मारने वाले कहां मिलेंगे? यही सोचकर यह किया जा रहा है।
कश्मीर में पिछले 112 दिनों से स्कूलों में कोई क्लास वर्क नहीं हो रहा है। आतंकी बुरहान वानी के मारे जाने के बाद से जब से घाटी में प्रदर्शन शुरू हुए हैं, तब से 25 शिक्षण संस्थानों की इमारतों को आग लगाकर ध्वस्त कर दिया गया है। कश्मीर के सभी प्राइवेट और सरकारी स्कूल 8 जुलाई 2016 से बंद हैं।
खास बात ये है कि जहां सभी स्कूल बंद थे वहीं, श्रीनगर के दिल्ली पब्लिक स्कूल ने अपने यहां पढ़ने वाले 573 बच्चों के एग्जाम करवाए। अलगाववादी नेता सैयद अली शाह गिलानी की पोती भी उसी स्कूल में पढ़ती है। वह10वीं क्लास में है। स्कूल ने कड़ी सुरक्षा के बीच 1 से 5 अक्टूबर तक अपने इंटरनल एग्जाम दिए।
गिलानी की जो पोती डीपीएस में पढ़ती है उसके पिता का नाम नईम जफर गिलानी है। वह गिलानी के सबसे बड़े बेटे हैं। नईम अपने पिता की किसी पार्टी के सदस्य नहीं हैं और उनसे अलग श्रीनगर में रहते हैं। उन्होंने कहा कि अगर उनकी बेटी पेपर नहीं देती तो उसकी पढ़ाई खराब होती और उसके मार्च में होने वाले फाइनल एग्जाम में नहीं बैठने दिया जाता।
इस बीच घाटी में स्कूलों पर हमले के बीच वहां पढ़ने वाले बच्चों के परिजनों का भी प्रदर्शन शुरू हो गया है। परिजन कह रहे हैं कि स्कूल बंद करने से कौन सी आजादी मिल जाएगी? कश्मीर में पिछले तीन महीने से ज्यादा से फैली बदअमनी का असर वहां के छात्रों के भविष्य पर पड़ रहा है।

रविवार, 30 अक्टूबर 2016

हिमाचल : पीएम मोदी ने चीन सीमा पर आईटीबीपी जवानों के साथ मनाई दिवाली

Photo Courtesy : PMO
शिमला: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार को हिमाचल प्रदेश में चीन की सीमा के पास रणनीतिक दृष्टि से महत्वपूर्ण इलाके में सैनिकों के साथ दिवाली मनाई। प्रधानमंत्री बगैर किसी पूर्व कार्यक्रम के चांगो नाम के एक गांव में भी गए और कहा कि लोगों के आतिथ्य सत्कार और उनकी खुशी ने उन्हें अभिभूत कर दिया।
प्रधानमंत्री बनने के बाद लगातार तीसरी दीवाली सेना और अर्धसैनिक बलों के जवानों के साथ मनाने के लिए प्रधानमंत्री आज सुबह साढ़े सात बजे दिल्ली से रवाना हुए। साढे आठ बजे के करीब वो चंडीगढ पहुंचे। वहां से भारतीय वायुसेना के हेलिकॉप्टर के जरिये हिमाचल प्रदेश के किन्नौर पहुंचे। किन्नौर में उनका हेलिकॉप्टर सोमडु के पास उतरा, जहां से वो सुमडो के लिए रवाना हुए, जहां पर आईटीबीपी का कैंप था। रास्स्ते में चांगो गांव आया, जहां वो अपना काफिला रोककर गाड़ी से उतर पड़े और गांव वालों से मिले। इस दौरान पीएम मोदी ने गांव के सभी लोगों से मुलाकात की, जिसमें युवा, महिलाएं और छोटे बच्चे भी शामिल थे। गांव वालों के अनुरोध पर उन्होंने हिमाचली टोपी भी पहनी और साथ में फोटो भी खिचाये।
हरे रंग की पोशाक पहने प्रधानमंत्री ने सुमोध नाम की जगह पर इंडो-तिब्बत सीमा पुलिस (आईटीबीपी), डोगरा स्काउट्स और सेना के जवानों से मुलाकात की। सुमोध, राजधानी शिमला से 330 किलोमीटर दूर है और किन्नौर तथा लाहौल-स्पीति जिलों की सीमा पर स्थित है। करीब दो घंटे तक वो यहां रुके और इस दौरान न सिर्फ जवानों को उन्होंने मिठाई खिलाई, बल्कि खुद उनके हाथ से मिठाई भी खाई। सुमडो से प्रधानमंत्री साढे बारह बजे के करीब रवाना हुए। खास बात ये है कि जब देश के लोग रेडियो और टेलीविजन पर पीएम मोदी के मन की बात सुन रहे थे, उस वक्त मोदी खुद सुरक्षा बलों के बहादुर जवानों के बीच मौजूद थे।
Photo Courtesy : PMO
प्रधानमंत्री मोदी जवानों से खुलकर मिले। उनके हाथ में मिठाई से भरी प्लेट थी। उन्होंने जवानों को मिठाई खिलाई। एक जवान ने भी जवाब में प्रधानमंत्री को मिठाई खिलाई। प्रधानमंत्री के साथ राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल और सेना प्रमुख दलबीर सिंह सुहाग भी थे।
एक अधिकारी ने कहा कि प्रधानमंत्री ने सीमा सड़क संगठन (बीआरओ) की शाखा जेनरल रिजर्व इंजीनियरिंग फोर्स (जीआरईएफ) के कर्मियों से भी सुमोध में मुलाकात की। इसके बाद पीएम मोदी ने किन्नौर जिले के चांगो गांव में लोगों से मुलाकात की। किन्नौर अपने स्वादिष्ट सेबों के लिए जाना जाता है।
प्रधानमंत्री को अचानक अपने बीच पाकर गांववाले हैरान रह गए और उन्होंने नारे लगाकर प्रधानमंत्री का स्वागत किया। उन्होंने ग्रामीणों के साथ कई फोटो खिंचवाई। मोदी ने प्रधानमंत्री बनने के बाद 2014 में पहली दिवाली सियाचिन में सैनिकों के साथ मनाई थी।
प्रधानमंत्री के उत्तराखंड स्थित माना गांव नहीं पहुंचने से वहां मौजुद जवानों में थोड़ी निराशा जरूर हुई। हालांकि वो इस बात से थोड़े खुश भी थे कि प्रधानमंत्री हिमाचल में उनके ही भाईयों जवानों के साथ हैं। उल्लेखनीय है कि मीडिया रिपोर्ट्स में प्रधानमंत्री के उत्तराखंड स्थित भारत चीन सीमा पर मौजुद अंतिम गांव माना जाने की चर्चा थी। तभी से माना स्थित आईटीबीपी के जवान प्रधानमंत्री के साथ दिवाली मनाने की खबर से उत्साहित थे।

शनिवार, 29 अक्टूबर 2016

सेना का पलटवार: केरन सेक्टर में पाकिस्तान की चार चौकियां तबाह, पाक सेना को भारी नुकसान

Photo Courtesy : Northern Command
श्रीनगर : भारतीय जवान मंदीप सिंह की हत्या और उनके शव को आतंकियों द्वारा क्षत-विक्षत किए जाने के बाद भारतीय सेना ने पलटवार करते हुए शनिवार शाम पाकिस्तान की तरफ भारी गोलीबारी शुरू की। सेना की इस कार्रवाई में केरन सेक्टर में पाक के कब्जे वाले कश्मीर के पार पाकिस्तान के 4 पोस्ट तबाह हुए हैं। उधमपुर स्थित सेना की उत्तरी कमान ने ट्वीट करके बताया कि भारतीय सेना की भारी गोलीबारी से केरन सेक्टर में पाकिस्तान की चार चौकियां तबाह कर दी गई हैं। 
सेना की इस कार्रवाई में माना जा रहा है कि पाकिस्तानी इलाके में भारी नुकसान हुआ है। हालांकि सेना ने पाकिस्तान की ओर हुए नुकसान का ब्यौरा अपनी ओर से नहीं सार्वजनिक किया है लेकिन माना जा रहा है कि इस घटना में पाकिस्तानी तरफ से हताहत होने वाले की संख्या कम से कम बीस तक हो सकती है।
उल्लेखनीय है कि कि कश्मीर के कुपवाड़ा जिले में माछिल सेक्टर में आतंकवादियों ने शुक्रवार को पाकिस्तानी सेना की ओर से की जा रही गोलीबारी की आड़ में नियंत्रण रेखा पार की और एक भारतीय जवान की हत्या कर और उसके शव को विकृत कर दिया। सेना के एक प्रवक्ता ने कहा कि नियंत्रण रेखा के पास एक मुठभेड़ में एक सैनिक शहीद हो गया और एक आतंकवादी मारा गया। आतंकवादियों ने जवान के शव को विकृत कर दिया और फिर पाकिस्तानी सेना की ओर से की गई गोलीबारी की आड़ लेकर पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर भाग गए। उन्होंने कहा कि यह घटना दिखाती है कि पाकिस्तान में आधिकारिक और अनाधिकारिक संगठनों में बर्बरता की कितनी पैठ है। भारतीय सेना ने शुक्रवार को ही उचित जवाब देने की चेतावनी दी थी।
शुक्रवार को पाक सेना की मदद से ही आतंकियों ने जवानों पर हमला बोला था, जिसका जवानों ने करारा जवाब दिया। इस दौरान मंदीप सिंह शहीद हो गए। भारतीय सेना ने इस कायराना हरकत का करारा जवाब देते हुए सोनावैली में पाक सैनिकों की तीन पोस्ट तबाह कर दिए थे। सेना के इस मुठभेड़ में एक आतंकी भी ढेर हुआ था। हालांकि मंदीप सिंह के शव के साथ बर्बरता करने वाला एक आतंकवादी पाकिस्तानी सेना की ओर से जारी फायरिंग की आड़ में सीमा पार कर भागने में सफल हो गया था।
बता दें कि पीओके में सर्जिकल स्ट्राइक के बाद से पाकिस्तान बौखलाया हुआ है। पाकिस्तान अब तक सीमा पर 53 बार सीजफायर तोड़ चुका है। जम्मू-कश्मीर के आरएस पुरा, तंगधार, अखनूर और मेंढर में सबसे ज्यादा गोलाबारी हुई है। 
इस बीच केंद्रीय मंत्री जितेंद्र सिंह ने जवान के पार्थिव शरीर के साथ हैवानियत का व्यवहार किए जाने की निंदा करते हुए इसे नृशंसकरार दिया जबकि कांग्रेस नेता मनीष तिवारी ने कहा ने इसे विकृत व्यवहारबताया।

शहीद जवान के परिवार ने मांग की है कि आतंकवादियों को संरक्षण देने के लिए पाकिस्तान को सबक सिखाया जाना चाहिए, जबकि सेना के पूर्व अधिकारियों ने दुख प्रकट किया है। जवान के भाई संदीप सिंह ने मांग की है कि परिवार एक सिर के बदले 10 पाकिस्तानी सिर चाहता है।

शहीद हेमराज प्रकरण की पुनरावृति : शहीद जवान का शव क्षत-विक्षत कर भागा आतंकी, सेना बोली-बदला लेगें

Photo Courtesy : Northern Command
श्रीनगर : पाकिस्तान समर्थित आतंकियों ने एक बार फिर शहीद हेमराज प्रकरण को दोहराते हुए एक शहीद जवान के शव को क्षत-विक्षत कर दिया है। शुक्रवार को एलओसी के पास कुपवाड़ा के माछिल सेक्टर में आतंकियों से मुठभेड़ के दौरान सेना का एक जवान शहीद हो गया। मुठभेड़ के दौरान पाकिस्तानी गोलीबारी का फायदा उठाकर एक आतंकवादी ने शहीद के शव को क्षत-विक्षत कर दिया। शहीद जवान की पहचान मंजीत सिंह के तौर पर हुई है। मंजीत 17 सिख लाइट इन्फैंट्री में तैनात थे। सीमा पर इस बर्बरता ने दोनों मुल्कों के बीच पहले से ही चल रहे तनाव के माहौल में और भी इजाफा कर दिया है।

सेना के उधमपुर स्थित उत्तरी कमांड ने इसकी निंदा करते हुए इस घिनौने करतूत का माकूल जवाब देने का ऐलान किया है। कुपवाड़ा के माछिल सेक्टर की घटना की विस्तृत जानकारी सेना ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, रक्षा मंत्री मनोहर पर्रिकर और एनएसए अजीत डोभाल को दी है। इस मामले में विदेश सचिव ने पाकिस्तान के उच्चायुक्त को समन किया है। श्रीनगर में सेना के एक प्रवक्ता ने बताया कि इस पाकिस्तानी गोलीबारी की आड़ में एक आतंकी नियत्रंण रेखा पार कर भागने में सफल हो गया। उन्होंने कहा कि इस बर्बरतापूर्ण कार्रवाई का उचित जवाब दिया जाएगा। 
ऐसा नहीं है कि पाकिस्तान की ओर से पहली बार ऐसी बर्बरता को अंजाम दिया गया है। 2013 में भी कश्मीर के मेंढर सेक्टर में एक शहीद जवान लांस नायक हेमराज सिंह का सिर काटा गया था और दूसरे शहीद के शरीर को क्षत-विक्षत किया गया था।
Photo Courtesy : Indian Express
बाद में भारतीय सेना ने पाकिस्तान के इस कायरतापूर्ण कृत्य का बदला लिया था। सेना ने एलओसी पार कर तब इसका बदला चुकाया था। 29 सितंबर को उड़ी में भारतीय सेना पर आतंकी हमले के बाद सेना ने सर्जिकल स्ट्राइक को अंजाम दिया था। इसके बाद से ही पाकिस्तान की तरफ से लगतार संघर्ष विरामम का उल्लंघन कर सीमा पार से फायरिंग की जा रही है।
इस दौरान भारतीय सेना ने पाक फायरिंग की आड़ में घुसपैठ की कई कोशिशों को नाकाम किया। शुक्रवार को ऐसी ही एक मुठभेढ़ में सेना ने माछिल सेक्टर में एक आतंकी को मार गिराया। इस मुठभेढ़ में जवान मंजीत सिंह शहीद हो गए। इसके बाद ही आतंकी ने घिनौने कृत्य को अंजाम दिया। पाकिस्तानी सेना इस दौरान आतंकी को कवर फायर दे रही थी। इस फायरिंग की आड़ में आतंकी भागने में भी सफल रहा।
इससे पहले बीएसएफ ने जानकारी दी थी कि पाकिस्तानी गोलीबारी का माकुल जवाब दिया जा रहा है। बीएसएफ के मुताबिक जवाबी कार्रवाई में पाकिस्तानी रेंजर्स के करीब 15 जवान मारे गए। इसके बाद ही पाकिस्तान समर्थित आतंकियों ने हेमराज घटना की पुनरावृति की है। इंटरनेशनल बॉर्डर पर बीएसएफ की जवाबी फायरिंग में सीमा पर पाक रेंजर्स के हौसले पस्त हो गए हैं। मदद के लिए पाक सेना को बुलाया गया है। पाकिस्तान के शक्करगढ़ सेक्टर में पाकिस्तानी रेंजर अपने आला अधिकारियों को रेडियो सेट पर जानकारी दे रहे थे कि बीएसएफ की फायरिंग में उन्हें बहुत नुकसान हो रहा है ऐसे में उनको सेना से मदद चाहिए। बीएसएफ की जवाबी कार्रवाई में पाक रेंजर के 15 से ज्यादा जवान मारे गए।
सीमा पार से लगातार हो रही फायरिंग की वजह से सीमा से सटे इलाके में दहशत का माहौल है। मेंढर, सांबा और कई सीमावर्ती इलाकों से लोग पलायन कर रहे हैं।

मंगलवार, 25 अक्टूबर 2016

पाकिस्तान : क्वेटा में पुलिस ट्रेनिंग सेंटर में आत्मघाती हमला, तीन आतंकी सहित 60 मरे

Pic Courtsey : GEO TV


क्वेटा : पाकिस्तान के अशांत ब्लूचिस्तान प्रांत की राजधानी क्वेटा स्थित पुलिस ट्रेनिंग सेंटर पर सोमवार रात आतंकियों के एक बडे हमले में कम से कम 60 पुलिस ट्रेनी और अफसरों की मौत हो गई है और सौ से भी अधिक लोग घायल हैं। आशंका जताई जा रही है कि मरने वालों की संख्या इससे ज़्यादा हो सकती है।
हालांकि पाकिस्तानी सेना और फ्रंटिय कॉन्सटैबुलरी ट्रुप्स ने करीब 250 लोगों को सुरक्षित बचा लिया। हमले के वक्त ट्रेनिंग कॉलेज परिसर में 600 कैडेट्स मौजूद थे। सेना और सुरक्षा बलों ने जवाबी कार्रवाई में तीन आतंकियों को मार गिराया है। ब्लूचिस्तान के गृह मंत्री मीर सरताज़ बुगती ने मंगलवार सुबह इस बात की पुष्टि की कि आतंकियों के खिलाफ मिशन पूरा हो चुका है। बुगती ने बताया कि चरमपंथी हमले की जवाबी कार्रवाई में चार घंटे तक चले ऑपरेशन में पुलिस, फ्रंटियर कॉर्प्स और आतंकवाद विरोधी दस्ते के अधिकारी शामिल हुए। सरफ़राज़ बुगटी ने बताया कि ये चरमपंथी आत्मघाती हमलावर थे जिनमें से दो ने ख़ुद को उड़ा लिया जबकि एक को गोली मार दी गई।
बलूचिस्तान में फ्रंटियर कोर के आईजी शेर अफगान ने बताया कि आतंकी अफगानिस्तान में अपने हैंडलर्स के संपर्क में थे और उनसे दिशा निर्देश ले रहे थे। आईजी के मुताबिक सभी आतंकी लश्कर-ए-जांघवी से जुड़े हैं। यह संगठन पाकिस्तानी तालिबान से जुड़ा हुआ है। हालांकि किसी भी संगठन ने अभी तक हमले की जिम्मेदारी नहीं ली है।
ट्रेनिंग कॉलेज क्वेटा के सबसे संवेदनशील इलाके में गिने जाने वाले सरयाब रोड पर स्थित है। यहां पहले भी 2006 और 2008 में भी हमला हो चुका है। स्थानीय चैनल जियो के मुताबिक़ बलूचिस्तान के मुख्यमंत्री सनाउल्लाह ज़ेहरी ने कहा कि शहर में चरमपंथियों के घुसने की सूचना मिलने पर हाल ही में हाई अलर्ट जारी किया गया था। उन्होंने कहा कि शहर से 15 किलोमीटर दूर पुलिस ट्रेनिंग कॉलेज का ये हॉस्टल 200-250 एकड़ मैं फैला हुआ है।
पाकिस्तानी मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, सभी आतंकियों ने सूइसाइड जैकेट्स पहन रखे थे। सेंटर के हॉस्टल पर आतंकियों ने सोमवार रात दस बजे हमला बोला। बताया जा रहा है कि आतंकियों के पास एके 47 और ग्रेनेड थे। आतंकियों ने सबसे पहले वॉच टॉवर के संतरी को निशाना बनाया। संतरी की हत्या के बाद वो फायरिंग करते हुए अकादमी के ग्राउंड में घुस गए। दो आतंकियों ने खुद को धमाके से उड़ा लिया, जबकि तीसरे को सुरक्षाबलों ने धमाका करने से पहले गोली मार दी।
बताया जा रहा है कि आतंकियों और सुरक्षा बलों के बीच पूरी रात रूक-रूक कर फायरिंग होती रही। आंतकियों के परिसर में घुसने के बाद कम से कम पांच धमाकों की आवाज सुनी गई। शुरू में आतंकियों के कुछ लोगों को बंधक बनाने की खबर आई थी।
ताजा हमला ऐसे समय में हुआ है, जब इससे चंद घंटे पहले ही क्वेटा के दक्षिण में तकरीबन 145 किमी दूर सूरब कस्बे में बंदूकधारियों ने दो कस्टम अधिकारियों की गोली मारकर हत्या कर दी और तीसरे को घायल कर दिया। स्थानीय पुलिस के एक प्रवक्ता जैनुल्लाह बलोच ने बताया कि मोटरसाइकिल पर सवार बंदूकधारियों ने कस्टम अधिकारियों को निशाना बनाया। दोनों अधिकारियों की मौके पर ही मौत हो गई। तीसरे शख्स को गंभीर हालत में अस्पताल पहुंचाया गया है।
इससे पहले सोमवार सुबह मोटरसाइकिल पर सवार दो बंदूकधारियों ने उत्तरी खैबर पख्तूनखवा प्रांत के पुलिस इंटेलीजेंस ऑफीसर की गोली मारकर हत्या कर दी। स्थानीय पुलिस अधिकारी खालिद खान ने बताया कि घटना के बाद हमलावर फरार हो गए। इस हमले की पाकिस्तानी तालिबान ने जिम्मेदारी ली है। इस आतंकी समूह के प्रवक्ता मोहम्मद खुरासानी ने एक बयान में कहा कि हमलावर घटना को अंजाम देने के बाद सुरक्षित ठिकानों पर लौट आए।
इससे पहले, अगस्त महीने में क्वेटा के अस्पताल में हुए आत्मघाती हमले में 73 लोगों की मौत हो गई थी। इस्लामिक स्टेट और पाकिस्तान तालीबान ने इस हमले की जिम्मेदारी ली थी। मृतकों में शहर के कई वकील भी शामिल थे।
उल्लेखनीय है कि बलूचिस्तान प्रांत पाकिस्तान और चीन के सहयोग से विकसित हो रहे पीपीईसी(चाइना-पाकिस्तान इकॉनमिक कॉरिडोर) में आता है। पाकिस्तान यह आरोप लगाता रहा है कि भारत इस इंफ्रास्ट्रक्टर प्रोजेक्ट के खिलाफ साजिश के तहत आतंकी घटनाओं को बढावा दे रहा है।

शुक्रवार, 21 अक्टूबर 2016

डेबिट कार्ड सुरक्षा में सेंध : चीन और अमेरिका में निकाले गए भारतीयों के पैसे

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मुंबई/नई दिल्ली : भारतीय बैंकिंग क्षेत्र को प्रभावित करने वाली अपनी तरह की सबसे बड़ी डेटा सुरक्षा में सेंधमारी की घटना से सरकारी और निजी क्षेत्र के अनेक बैंकों के 32 लाख से अधिक डेबिट कार्ड प्रभावित होने की आशंका है। डेटा में यह सेंध कुछ एटीएम प्रणालियों में साइबर मालवेयर हमले के रूप में हुई है। हालांकि, सरकार ने लोगों से कहा है कि वे घबराएं नहीं। सेंधमारी की इस घटना ने भले ही सरकार और आरबीआई को हरकत में ला दिया हो लेकिन बड़ा सवाल ये उठ रहा है कि साइबर सेंध की बात छह सप्ताह पहले पता चल जाने पर भी बैंकों ने अलर्टनस क्यों नहीं दिखाई और नुकसान को रोकने के लिए तेजी से कदम क्यों नहीं उठाए।
भारतीय स्टेट बैंक सहित अनेक बैंकों ने बड़ी संख्या में डेबिट कार्ड वापस मंगवाए हैं, जबकि अनेक अन्य बैंकों ने सुरक्षा सेंध से संभवत: प्रभावित एटीएम कार्डों को ब्लॉक कर दिया है और ग्राहकों को एटीएम के इस्तेमाल से पहले पीन नंबर अनिवार्य रूप से बदलने के निर्देश दिए हैं। अब तक 19 बैंकों ने धोखाधड़ी से पैसे निकालने की सूचना दी है। कुछ बैंकों को यह भी शिकायत मिली है कि कुछ एटीएम कार्ड का चीन व अमेरिका सहित अनेक विदेशों में धोखे से इस्तेमाल किया जा रहा है, जबकि ग्राहक भारत में ही हैं।
देश में तमाम एटीएम को जोड़ने वाली नोडल एजेंसी नेशनल पेमेंट्स कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया (एनपीसीआई) ने कहा है, 'कार्ड नेटवर्कों ने सभी प्रभावित बैंकों को आगाह किया है कि कुल मिलाकर 32 लाख कार्ड इस सुरक्षा सेंध से प्रभावित हुए हो सकते हैं। इनमें से छह लाख रूपे कार्ड हैं' एनपीसीआई भारत में सभी तरह की खुदरा भुगतान प्रणालियों का शीर्ष संगठन है। एनपीसीआई ने एक बयान में कहा है कि 641 ग्राहकों ने कुल मिलाकर 1.3 करेाड़ रुपये की अवैध या फर्जी तरीके से निकासी की शिकायत की है।
वित्तीय सेवा विभाग में अतिरिक्त सचिव जी सी मुरूमू ने ग्राहकों को शांत करने की कोशिश करते हुए कहा, 'कुल डेबिट कार्ड में से केवल 0.5 प्रतिशत की सुरक्षा में सेंधमारी हुई है, जबकि बाकी 99.5 प्रतिशत पूरी तरह सुरक्षित है और बैंक ग्राहक चिंता नहीं करें' इस समय देश में लगभग 70 करोड़ डेबिड कार्ड हैं, जिनमें 19 करोड़ तो रूपे कार्ड हैं, जबकि बाकी वीजा व मास्टरकार्ड हैं।
बैंकरों का कहना है कि वापस लिए गए कार्डों में वे कार्ड भी शामिल हैं, जिन्हें एहतियातन बदला गया है। एसबीआई जैसे कई बैंकों ने लगभग छह लाख कार्ड वापस मंगवाए हैं. वहीं बैंक ऑफ बड़ौदा, आईडीबीआई बैंक, सेंट्रल बैंक व आंध्रा बैंक ने एहतियाती कदम के रूप में डेबिट कार्ड बदले हैं। इसी तरह आईसीआईसीआई बैंक, एचडीएफसी बैंक व यस बैंक जैसे बैंकों ने अपने ग्राहकों से एटीएम पिन बदलने को कहा है। एचडीएफसी बैंक ने भी अपने ग्राहकों को सलाह दी है कि वे किसी भी लेनदेन के लिए केवल अपना एटीएम कार्ड इस्तेमाल करें।
बताया जा रहा है कि यह सुरक्षा चूक हिताची पेमेंट्स सर्विसेज की प्रणाली में एक मालवेयर के जरिये हुई है। यह कंपनी यस बैंक को सेवा देती है। हिताची पेमेंट्स एटीएम सर्विसेज, प्वाइंट ऑफ सेल सर्विसेज, इमर्जिग पेमेंट्स सर्विसेज आदि के जरिए सेवाएं देती है। हालांकि यस बैंक ने सुरक्षा में सेंध की इस घटना से खुद को एक तरह से अलग करने की कोशिश करते हुए सेवा प्रदाताओं की बेहतर निगरानी पर जोर दिया है। यस बैंक के प्रबंध निदेशक व मुख्य कार्यकारी राणा कपूर ने बाहरी एजेंसी से करवाए जाने वाले काम (आउटसोर्सिंग) में अधिक सतर्कता की जरूरत रेखांकित की है। उन्होंने कहा, 'जहां आउटसोर्स भागीदार शामिल हैं वहां और अधिक सतर्कता की जरूरत है। हिताची पेमेंट सर्विसेज ने हालांकि, कहा है कि उसकी प्रणाली में कोई सेंधमारी नहीं हुई है।

बैंकरों के अनुसार यह सुरक्षा सेंध इस तरह से हुई है कि क्षेत्र में उक्त बैंक का एटीएम इस्तेमाल करने वाला प्रभावित हो सकता है। वित्त मंत्रालय के सूत्रों के अनुसार वित्तीय सेवा विभाग ने भारतीय बैंक संघ से इस तरह की डेटा सेंधमारी के प्रभाव की जानकारी मांगी है।

बुधवार, 19 अक्टूबर 2016

पाकिस्तान : भारतीय कार्यक्रमों पर लगा बैन, 21 अक्टूबर से नहीं होगा प्रसारण

Photo Courtesy : Daily Pakistan
इस्लामाबाद : भारत और पाकिस्तान के बीच सीमा पर बढ़ते तनाव के मद्देनर पाकिस्तान में टीवी, रेडियो और अन्य इलेक्ट्रानिक संचार माध्यमों पर भारतीय कार्यक्रमों के प्रसारण पर पूरी तरह से रोक लगा दी गई है। पाकिस्तान की इलेक्ट्रानिक मीडिया रेगुलेशन अथॉरिटी (PEMRA) ने बुधवार को हुई बैठक में ये फैसला लिया। बैठक के बाद पीईएमआरए ने एक बयान जारी कर इस फैसले की जानकारी दी। भारतीय कायक्रमों पर बैन का यह फैसला 21 अक्टूबर दोपहर तीन बजे से प्रभावी होगा।
इस फैसले के प्रभावी होने के बाद किसी भी तरह के भारतीय कंटेंट का प्रसारण नहीं हो होगा। पाकिस्तान की सरकार ने भारत द्वारा पाकिस्तानी कार्यक्रमों को लेकर कड़े फैसले के बाद भारतीय कंटेंट पर रोक लगाने का सुझाव दिया था। इसका उल्लंघन करने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। ये बैन पाकिस्तान में केबल, रेडियो सभी तरह के माध्यमों पर लागू होगा।
इससे पहले 31 अगस्त को PEMRA ने ऐलान किया था कि जो चैनल अनुमति के दायरे से बाहर जाकर विदेशी कंटेंट प्रसारित कर रहे हैं या अवैध डीटीएच सेट बेच रहे हैं उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।

उल्लेखनीय है कि भारतीय सेना के नियंत्रण रेखा के पार जाकर पाकिस्तान के इलाके में आतंकियों के लांचिंग पैड्स को नष्ट करने के लिए की गई सर्जिकल स्ट्राइक के बाद सीमा पर लगातार पाकिस्तान की ओर से सीज फायर का उल्लंघन हो रहा है। 

शुक्रवार, 14 अक्टूबर 2016

भारत की रक्षा जरूरतों के मद्देनज़र खास होगा रूसी राष्ट्रपति पुतिन का भारत दौरा, अहम डिफेंस डील होगी सील

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नई दिल्ली : रूस के राष्ट्रपति व्लादिमिर पुतिन गोवा में ब्रिक्स समिट से इतर शनिवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात करेंगे। इसी मुलाकात में माना जा रहा है कि भारत के साथ रूस लंबी दूरी की क्षमता वाले एयर डिफेंस सिस्टम एस - 400 ट्राइअम्फकी खरीद के लिए 39 हजार करोड़ रुपये के करार पर हस्ताक्षर करेंगे। यह एंटी मिसाइल डिफेंस सिस्टम 400 किमी की दूरी से आ रहे दुश्मनों के विमान, मिसाइलों और ड्रोन को एक साथ ट्रैक कर सकेगा।
रूस की सरकारी मीडिया की ओर से गुरुवार को प्रकाशित रिपोर्ट के मुताबिक रूसी राष्ट्रपति पुतिन की पीएम मोदी के साथ होने वाली वार्षिक शिखर वार्ता के बाद कई अहम रक्षा समझौतों पर हस्ताक्षर किए जाएंगे। भारत और रूस के बीच 'मेक इन इंडिया' के तहत एक बिलियन डॉलर के काफी दिनों से लंबित पड़े 200 कामोव 226 हल्के हेलीकॉप्टर के संयुक्त उत्पादन के समझौते पर भी हस्ताक्षर होंगे।
ब्रिक्स सम्मेलन में शामिल होने गोवा आ रहे रूस के राष्ट्रपति व्लादिमिर पुतिन और भारतीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के बीच सपात्हांत में एस-400, और हेलीकॉप्टर के संयुक्त उत्पादन के समझौते को आखिरी रूप दिया जाएगा।
एस – 400 प्रणाली में अलग-अलग क्षमताओं वाली तीन तरह की मिसाइल हैं जिन्हें सुपरसोनिक और हाइपरसोनिक स्पीड से उड़ कर दुनिया में जमीन से हवा में मार करने वाला सबसे आधुनिक मिसाइल सिस्‍टम माना जाता है। एस-400, 400 किलोमीटर की रेंज में आने वाले विमानों और मिसाइलों को निशाना बना सकता है। भारत चीन के बाद ऐसा सिस्टम खरीदने वाला दूसरा देश होगा।
भारत और रूस मिलकर ब्रह्मोस मिसाइल का छोटा वर्जन भी विकसित करने जा रहे हैं। ब्रह्मोस मिसाइल के इस नए वर्जन के लिए औपचारिक अनुबंध पर भी हस्ताक्षर इस बैठक में किए जा सकते हैं। सूत्रों के मुताबिक यह 300 किलोमीटर रेंज की क्रूज मिसाइल का बहुत ही छोटा संस्करण होगा। यह जमीन, सबमरीन और हवा में इस्तेमाल किया जा सकने वाला होगा। ब्रह्मोस का यह नया संस्करण इतना छोटा और सहुलियत वाला होगा कि इसका इस्तेमाल तीन लोगों की छोटी टीम भी कर सकेगी। इस लिहाज़ से ये दुश्मनों के लिए घातक हथियार साबित हो सकता है। तीनों लोगों की टीम द्वारा दागी जा सकने वाली ब्रह्मोस मिसाइल का एक दम छोटा वर्जन पूरी तरह इंडिपेंडेंट और पोर्टेबल होगा। नियंत्रण रेखा पर संघर्ष विराम उल्लंघन की स्थिति में ये सैन्य बलों के बहुत काम आ सकता है। मिसाइल की फ्लेक्सिबिलिटी और उपयोग में आसानी को देखते हुए इसका इस्तेमाल दुश्मन के इलाके में प्रोटेक्टेड या छिपे ठिकाने जैसे टेरर लॉन्चपैड या ट्रेंनिंग सेंटर को नष्ट करने में किया जा सकता है।
भारत और रूस हल्के मिलिट्री चॉपर्स की नई सीरीज तैयार करने के लिए HAL और कामोव की बीच एक नए ज्वाइंट वेंचर की औपचारिकता को अमली जामा पहना सकते हैं। आधिकारिक सूत्रों ने बताया कि पांचवी पीढी के फाइटर एयरक्राफ्ट को संयुक्त रूप से विकसित करने के लिए वर्क शेयर एग्रीमेंट को भी आखिरी रूप दे दिया गया है। रूस की भारत के लिए युद्धपोत बनाने के संबंध में समझौता करने की और कामोव का 226 टी हेलिकॉप्टर के उत्पादन के लिए रूस-भारत का संयुक्त उपक्रम स्थापित करने की भी योजना है।
भारत और रूस मेक इन इंडिया कार्यक्रम के तहत 1 बिलियन डॉलर लागत वाले 200 केमोव 226टी लाइट यूटिलिटी हेलिकॉप्टर्स के संयुक्त उत्पादन पर समझौते को आखिरी रूप देंगे। ये हेलिकॉप्टर सेना के बेड़े में पुराने पड़ चुके चीता और चेतक हेलिकॉप्टरों की जगह लेंगे। रूस के साथ मिलकर पांचवी पीढ़ी के लड़ाकू विमान तैयार करने पर भी रजामंदी बन सकती है।

गुरुवार, 13 अक्टूबर 2016

दुनिया भर में अकेले पड़ चुके पाकिस्तान से घर में भी पूछे गए सवाल, अजहर & हाफिज़ सईद को कब तक पालोगे?

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इस्लामाबाद : पाकिस्तान के एक अग्रणी अखबार ने आज देश की सरकार और सैन्य प्रतिष्ठानों से पूछा कि जैश ए मोहम्मद प्रमुख मसूद अजहर और जमात उद दावा के हाफिज सईद के खिलाफ कार्रवाई देश की राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए खतरा कैसे है ?
हक्कानी नेटवर्क, तालिबान और लश्कर ए तैयबा जैसे आतंकी गुटों को गुप्त रूप से सेना के समर्थन पर सेना और सरकार के बीच विवाद को लेकर डॉनके पत्रकार सायरिल अलमीड़ा की रिपोर्ट के कारण उन पर पाकिस्तान से बाहर जाने पर प्रतिबंध लगाने के बीच सरकारी और सैन्य प्रतिष्ठानों के करीबी समझे जाने वाले द नेशनमें तीखा संपादकीय लिखा है। हाउ टू लूज फ्रेंड्स एंड एलियनेट पीपलशीषर्क वाले संपादकीय में कहा गया है कि अजहर और सईद पर कार्रवाई करने की बजाए सरकार और सेना प्रेस को नसीहत दे रही है। जैश ए मोहम्मद नेता और पठानकोट आतंकी हमले का सरगना अजहर तथा 2008 मुंबई हमले का सरगना जमात उद दावा (जेयूडी) प्रमुख सईद पाकिस्तान में खुलेआम घूमता है और माना जाता है कि उसे सेना का संरक्षण प्राप्त है।
अखबार ने अपने संपादकीय में कहा कि यह व्यथित करने वाला दिन है जब असैन्य और सैन्य आला नेतृत्व मीडिया को इस पर लेक्चर दे रहा है कि किस तरह काम किया जाए। अखबार कहता है, ‘‘वस्तुत: ऑनलाइन दुरुपयोग की बौछार, और तीन आधिकारिक खंडन अलमीड़ा की रिपोर्ट को लेकर उठे गुस्से के गुबार को शांत करने के लिए पर्याप्त नहीं थे। इस रिपोर्ट में असैन्य और सैन्य शीर्ष अधिकारियों के बीच मतभेद को लेकर विस्तृत जानकारी दी गई थी और ये वही लोग हैं, जिन्होंने कल एक बयान जारी कर राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़े मुद्दों पर रिपरेटिंग करते समय वैश्विक रूप से स्वीकार्य सिद्धांतों का पालन करने का उपदेश दे डाला’’
अखबार में कहा गया है , ‘‘मिस्टर अलमीड़ा की रिपोर्ट को मनगढंतऔर कयास वाली खबरबताया गया है। पर, सरकार और सेना के आला अधिकारियों ने कल की बैठक में यह नहीं बताया कि सरकारी एमएनए पाकिस्तान में प्रतिबंधित संगठनों की नजर आने वाली मौजूदगी का विरोध क्यों नहीं करता। या मसूद अजहर, या हाफिज सईद के खिलाफ संभावित कार्रवाई किस तरह राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए खतरा है। या पाकिस्तान अलग थलग क्यों पड़ता जा रहा है"। एक संपादकीय में डॉनने कहा कि वह अलमीड़ा की स्टोरी के पक्ष में खड़ा है और निहित स्वार्थ और फर्जी खबरों के आरोपों को खारिज करता है।

मंगलवार, 11 अक्टूबर 2016

कश्मीर भारत का अविभाज्य अंग है, इसे क्रियान्वित भी किया जाए – मोहन भागवत

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नागपुर : राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की स्थापना दिवस पर नागपुर के रेशम बाग में आयोजित विशेष कार्यक्रम में आज संघ प्रमुख मोहन भागवत ने पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर को भारत का अंग बताते हुए कहा कि इस स्थापना को क्रियान्वयन में भी उतारा जाना चाहिए।
मोहन भागवत ने कहा, " कश्मीर भारत का अविभाज्य अंग है। दो बार संसद इस बारे में प्रस्ताव कर चुकी है और हाल में भी बार-बार वक्तव्य आए हैं। मीरपुर, मुजफ्फ़राबाद, गिलगित और बल्तिस्तान सहित सारा कश्मीर भारत का है. ये बात जो वक्तव्यों में कही जा रही है वो क्रियान्वयन में भी वैसी ही उतरनी चाहिए"। कश्मीर में जारी हिंसा और भारत द्वारा हाल ही में नियंत्रण रेखा के पार किए गए सर्जिकल स्ट्राइक पर श्री भागवत ने कहा, "कश्मीर में उपद्रवियों को उकसाने का काम सीमा पार से होता है। हमारे शासन ने उनको अच्छा जवाब दिया है। इससे उपद्रवी को संकेत मिला कि सहन करने की भी एक मर्यादा होती है"।
कश्मीर में सेना के काम की तारीफ़ करते हुए उन्होंने कहा, "हमारी सेना ने जो काम किया है उससे भारत देश की प्रतिष्ठा ऊंची हुई है। हमारे सामरिक बल, सीमा रक्षक और सूचना तंत्र मज़बूत होने चाहिए. कोई ठिलाई नहीं होनी चाहिए. उपद्रवियों से सख्ती से निपटना चाहिए. सीमा की चौकसी मज़बूती से होनी चाहिए. "
मोहन भागवत ने कहा कि लेह और लद्दाख जैसे कश्मीर के कई हिस्से उपद्रवों से पूरी तरह मुक्त है। उपद्रव क्षेत्र में अशांति को खत्म करने के लिए केंद्र और राज्य सरकार को मिलकर काम करना होगा। राज्य और केंद्र की नीति में समन्वय की ज़रूरत है।
भागवत ने प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार के कामकाज की तारीफ़ की और कहा कि, "अभी जो शासन चल रहा है वो काम करने वाला है। उदासीन रहनेवाला नहीं है। अपेक्षाएं बहुत हैं। लेकिन जिस ढंग से चल रहे हैं उससे लगता है कि देश आगे बढ़ेगा"। उन्होंने कहा कि दुनिया में ऐसी शक्तियां हैं जो भारत के प्रभाव को बढ़ता नहीं देखना चाहतीं। 'जिनकी दुकान भेद, कट्टरवादिता पर चलती है वो भारत को आगे बढ़ता नहीं देखना चाहते'
भागवत के संबोधन में देश के विपक्षी दलों के लिए सीख थी। उन्होंने कहा कि प्रजातंत्र में जो सत्ता में नहीं रहते वो विरोधी रहते हैं। उनके विरोध का एक तरीका होता है। शासन की नीतियों की एक निगरानी होती है। प्रजातांत्रिक प्रक्रिया है। भागवत ने कहा कि, "भारत में संघ-राज्य व्यवस्था है। प्रांतीय दल अपने हित के लिए काम करें, लेकिन देश की एकता और विकास के काम में योगदान करें। विवादों के चलते जनता एक दूसरे के विरोध में खड़ी नहीं होनी चाहिए। देश हित को सबसे आगे रखकर राजनीतिक दलों को काम करना चाहिए। हमें ऐसा काम नहीं करना चाहिए जिससे समाज में विभाजन पैदा हो"।
भागवत ने गोरक्षा का कार्य करने वाले लोगों को समाज का भला नागरिक बताया। उन्होंने कहा कि संविधान के मार्गदर्शक तत्वों में गोरक्षा का उल्लेख है। उन्होंने कहा, 'ऐसे विषयों को लेकर जो लोग उपद्रव करते हैं उनके साथ गोरक्षकों की तुलना नहीं होनी चाहिए। शासन को इसे देखना चाहिए। संविधान की मर्यादा में गोरक्षा होनी चाहिए। अगर लोग इस बारे में जागते नहीं हैं तो ख़तरे टले नहीं हैं'
मोहन भागवत ने शिक्षा व्यवस्था में सुधार की ज़रूरत पर ज़ोर देते हुए कहा कि, "शिक्षा ठीक करने की ज़रूरत है। शिक्षा का स्वरूप, उसका प्रयोजन स्पष्ट होना चाहिए। उन्होंने ये भी कहा कि समाज जागरुक हो, प्रबुद्ध हो तो शासन की नीतियां सफल होती हैं। "हमारा समाज विविध प्रकार का है. युगों से भारत विविधता में एकता का संकल्प लेकर चल रहा है। विदेशी कुप्रभावों से मुक्त होते हुए अपने विचारों के आधार पर युगानुकूल नीति का निर्माण करना चाहिए। अगर हम ऐसा कर सके तो सारी दुनिया को मार्ग दिखा सकेंगे"।
इस मौके पर आरएसएस के स्वयंसेवक नए गणवेश (ड्रेस) में नज़र आए। संघ ने खाकी निकर की जगह ऑलिव ब्राउन शेड की फुलपैंट को नया गणवेश बनाया है। सन 1925  में नागपुर में विजयादशमी के दिन ही राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ की स्थापना केशव बलिराम हेडगेवार ने की थी।

कश्मीर : बड़े हमले को अंजाम देने के फिराक में तीन ग्रुप में घुम रहे हैं 250 आतंकी

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नई दिल्ली: सेना की सर्जिकल स्ट्राइक के बाद भारत पर बड़े आतंकी हमले का खतरा लगातार मंडरा रहा है। गृह मंत्रालय के सूत्रों के मुताबिक कश्मीर घाटी में अभी लश्कर, जैश और हिज्बुल के 250 के करीब आतंकी मौजूद हैं। इसमें से आधे से ज्यादा आतंकी पाकिस्तानी हैं। कुल आतंकियो में से 107 आतंकी स्थानीय कश्मीर घाटी के हैं। कश्मीर घाटी में इन आतंकियों की घुसपैठ सर्जिकल स्ट्राइक से पहले ही हो चुकी थी।
इंटेलीजेंस एजेंसियों ने खुलासा किया है कि आतंकवादी अंतर्राष्ट्रीय सीमा के करीब लॉन्चिंग पैड में घूम रहे हैं। भारतीय सुरक्षा बलों की नजरों से बचने के लिए ये आतंकी पाक रेंजर्स की वर्दी में घूम रहे हैं। बताया जा रहा है कि पाकिस्तान में बैठा लश्कर कमांडर साजिद जट उर्फ नोमी इन आतंकियों को बड़े हमले के निर्देश दे रहा है।
नोमी की कॉल इंटरसेप्ट करने पर इस साजिश का खुलासा हुआ है। नोमी 26/11 हमले के मास्टरमाइंड हाफिज सईद का सबसे करीबी लश्कर कमांडर माना जाता है। कश्मीर घाटी में मौजूद लश्कर कमांडर अबू दुजाना इस समय सबसे बड़े आतंकियों के ग्रुप को कर लीड रहा है। सूत्रों के मुताबिक, दुजाना ने कश्मीर में हमले करने के लिए आतंकियों के तीन ग्रुप बनाए हैं, जिसमें से एक को महिला कमांडर लीड कर रही है।
आतंकियों के एक ग्रुप को फ़ातिमा नाम की लश्कर एसोसिएट लीड कर रही है। कश्मीर घाटी में पाकिस्तान की तरफ से ये महिला लश्कर की कमांडर निर्देश ले रही है। आतंकियों के दूसरे ग्रुप को अबू उसामा जहांगीर को हमले करने के लिए लीड कर रहा है। तीसरे ग्रुप को लश्कर के आतंकी हम्माद लीड कर रहा है। ये तीनों आतंकी अबू दुजाना से हमले करने के निर्देश ले रहे हैं। खुफिया एजेंसियों ने अबू दुजाना का इंटरसेप्ट पकड़ा है। ख़ुफ़िया इंटरसेप्ट से खुलासा हुआ है कि सर्जिकल स्ट्राइक के बाद आतंकी कार्रवाई नाम का कोड इस्तेमाल कर रहे हैं। सूत्रों के मुताबिक़ कार्रवाईका मतलब बड़े हमले करने का आदेश है।
भारत की सीमाएं पूरी तरह सील होने के चलते हथियारों के लिए भारत के अंदर सुरक्षा बलों से एके-47 हथियारों को छीनने के निर्देश दिये जा रहे हैं। पाकिस्तान में बैठे लश्कर कमांडर सैफ़ुल्ला साज़िद जट नोमी निर्देश दे रहा है
सूत्रों के मुताबिक ख़बर है कि सर्जिकल स्ट्राइक के बाद आतंकी अब LOC  के बजाय इंटरनेशनल बॉर्डर के नजदीक बने आतंकियो के लॉन्चिंग पैड से घुसपैठ करा सकते हैं। ख़ुफ़िया एजेंसियों ने अंतर्राष्ट्रीय सीमा के नजदीक स्थित दो लॉन्चिंग पैड पर आतंकी मूवमेंट देखा है।
इंटरनेशनल बॉर्डर की निगरानी कर रहे सीमा सुरक्षा बल को सुरक्षा के कड़े निर्देश दिए गए हैं। गृह मंत्रालय ने बॉर्डर के नदी और नाले जो पाकिस्तान से जुड़ते हैं उन पर और ज्यादा चौकसी बढ़ाने के निर्देश जारी किये गये हैं। गृह मंत्रालय के सूत्रों के मुताबिक, कश्मीर घाटी में पत्थरबाजों से निपटने के लिए इस्तेमाल किए जा रहे पावा शेल को और इफेक्टिव बनाया जाएगा। कश्मीर घाटी में पावा शेल के इस्तेमाल के बाद सुरक्षा बलों ने कम इफेक्टिव होने को लेकर सवाल उठाया था। अब गृह मंत्रालय ने बीएसएफ के टियर यूनिट को और इफेक्टिव पावा शेल बनाने के निर्देश दिए हैं।