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| Photo Courtesy : NDTV |
बारामुला : पाक के कब्जे वाले कश्मीर में भारत के सर्जिकल स्ट्राइल के
बाद आतंकियों ने जम्मू कश्मीर के बारामूला में बीती रात 46 राष्ट्रीय राइफल्स के
कैंप पर हमला बोल दिया। इस हमले में दो आतंकी मारे गए जबकि सीमा सुरक्षा बल का एक
जवान शहीद हो गया और एक जख्मी है। घायल जवान को आर आर हॉस्पीटल में भर्ती कराया
गया जिसके हालात अब खतरे से बाहर बताई जा रही है।
रात करीब साढ़े दस बजे आतंकियों ने एके-47 और ग्रेनेड से
हमला किया। अंधाधुंध फायरिंग करते हुए आतंकी सेना के कैंप के अंदर घुसने की फिराक
में थे, लेकिन सतर्क
सुरक्षाबलों ने फौरन जवाबी कार्रवाई की। इस हमले में दो आतंकी ढेर हो गए।
आतंकियों ने झेलम के किनारे बने 46 राष्ट्रीय राइफल्स के
कैंप पर पहले ग्रेनेड फेंका, जिसके बाद सेना ने भी मौर्चा संभाल लिया। सेना
ने जवाबी फायरिंग शुरू कर दी। सेना और आतंकियों के बीच भारी गोलीबारी शुरू हो गई।
बताया जा रहा है आतंकी 2 गुटों में आए थे। गोलीबारी इतनी ज्यादा थी दूर तक तेज
आवाजें आ रही थी। बताया जा रहा है कि फायरिंग से पहले आतंकियों ने ग्रेनेड भी
फेंके। रात होने की वजह से अभी यह नहीं पता चल सका है कि आतंकी कितनी संख्या में
आए थे। राष्ट्रीय राइफल्स के कैंप पर हमला करने के बाद आतंकी आगे बढ़ने लगे, लेकिन राष्ट्रीय
राइफल्स के कैंप के पास ही बीएसएफ कैंप होने की वजह से बीएसएफ के जवान भी मोर्चे
में शामिल हो गए, जिसके बाद आतंकियों के दोनों गुटों को बीएसएफ
ने चौतरफा घेर कर वहीं रोक दिया।
आतंकवादियों ने राष्ट्रीय राइफल्स के कैंप के मेन गेट और
उससे सटे बीएसएफ की इको-40 कंपनी के कैंप पर अंधाधुंध फायरिंग की और ग्रेनेड दागे।
इस दौरान बीएसएफ का एक जवान घायल भी हो गया। सेना की तरफ से करीब तीन घंटे तक चली
जवाबी कार्रवाई के बाद रात करीब डेढ़ बजे फायरिंग रुक गई। हालांकि तलाशी अभियान
जारी है। सेना ने 2 आतंकियों को ढेर कर दिया जबकि अंधेरे का फायदा उठा कर एक आतंकी
झेलम में कूद गया।
उरी हमले और हाल में पीओके में सेना की सर्जिकल स्ट्राइक के
बाद से ही सुरक्षा एजेंसियों को हाई अलर्ट पर रखा गया था। दरअसल रात करीब साढ़े दस
बजे आतंकवादियों के दो गुटों ने 46 राष्ट्रीय राइफल्स के कैंप पर हमला किया। साफ
था कि सेना के कैंप पर दो तरफा हमला कर आतंकवादी कैंप के अंदर दाखिल होना चाहते थे।
आतंकियों की प्लानिंग कुछ वैसा ही हमला करने की थी जैसा उन्होंने उरी में सेना
मुख्यालय में अंजाम दिया था। हालांकि सुरक्षाबलों की सतर्कता की वजह से आतंकियों
का ये हमला नाकाम हो गया।
सर्जिकल स्ट्राइक के बाद से ही पाकिस्तान समर्थित
आतंकवादियों की तरफ से ऐसे हमले की आशंका पहले ही जताई जा रही थी। सेना और सुरक्षा
एजेंसियों को अलर्ट रखा गया था। यही वजह है कि बेहद कम समय में सेना ने
आतंकवादियों के इस फिदायीन हमले को नाकाम कर दिया।

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