क्वेटा : पाकिस्तान के अशांत ब्लूचिस्तान प्रांत की राजधानी क्वेटा स्थित पुलिस
ट्रेनिंग सेंटर पर सोमवार रात आतंकियों के एक बडे हमले में कम से कम 60 पुलिस
ट्रेनी और अफसरों की मौत हो गई है और सौ से भी अधिक लोग घायल हैं। आशंका जताई जा रही है कि मरने वालों की संख्या इससे ज़्यादा
हो सकती है।
हालांकि पाकिस्तानी सेना और फ्रंटिय
कॉन्सटैबुलरी ट्रुप्स ने करीब 250 लोगों को सुरक्षित बचा लिया। हमले के वक्त
ट्रेनिंग कॉलेज परिसर में 600 कैडेट्स मौजूद थे। सेना और सुरक्षा बलों ने जवाबी
कार्रवाई में तीन आतंकियों को मार गिराया है। ब्लूचिस्तान के गृह मंत्री मीर
सरताज़ बुगती ने मंगलवार सुबह इस बात की पुष्टि की कि आतंकियों के खिलाफ मिशन पूरा
हो चुका है। बुगती ने बताया कि चरमपंथी हमले
की जवाबी कार्रवाई में चार घंटे तक चले ऑपरेशन में पुलिस, फ्रंटियर कॉर्प्स और आतंकवाद विरोधी दस्ते के अधिकारी शामिल
हुए। सरफ़राज़ बुगटी ने बताया कि ये चरमपंथी आत्मघाती हमलावर थे जिनमें से दो ने
ख़ुद को उड़ा लिया जबकि एक को गोली मार दी गई।
बलूचिस्तान में फ्रंटियर कोर के आईजी
शेर अफगान ने बताया कि आतंकी अफगानिस्तान में अपने हैंडलर्स के संपर्क में थे और
उनसे दिशा निर्देश ले रहे थे। आईजी के मुताबिक सभी आतंकी लश्कर-ए-जांघवी से जुड़े
हैं। यह संगठन पाकिस्तानी तालिबान से जुड़ा हुआ है। हालांकि किसी भी संगठन ने अभी
तक हमले की जिम्मेदारी नहीं ली है।
ट्रेनिंग कॉलेज क्वेटा के सबसे
संवेदनशील इलाके में गिने जाने वाले सरयाब रोड पर स्थित है। यहां पहले भी 2006 और
2008 में भी हमला हो चुका है। स्थानीय चैनल
जियो के मुताबिक़ बलूचिस्तान के मुख्यमंत्री सनाउल्लाह ज़ेहरी ने कहा कि शहर में
चरमपंथियों के घुसने की सूचना मिलने पर हाल ही में हाई अलर्ट जारी किया गया था। उन्होंने
कहा कि शहर से 15 किलोमीटर दूर पुलिस ट्रेनिंग कॉलेज का ये हॉस्टल 200-250 एकड़
मैं फैला हुआ है।
पाकिस्तानी मीडिया रिपोर्ट्स के
मुताबिक, सभी आतंकियों ने सूइसाइड जैकेट्स पहन रखे थे। सेंटर के हॉस्टल पर
आतंकियों ने सोमवार रात दस बजे हमला बोला। बताया जा रहा है कि आतंकियों के पास एके
47 और ग्रेनेड थे। आतंकियों ने सबसे पहले वॉच टॉवर के संतरी को निशाना बनाया।
संतरी की हत्या के बाद वो फायरिंग करते हुए अकादमी के ग्राउंड में घुस गए। दो
आतंकियों ने खुद को धमाके से उड़ा लिया, जबकि तीसरे को सुरक्षाबलों ने धमाका करने
से पहले गोली मार दी।
बताया जा रहा है कि आतंकियों और
सुरक्षा बलों के बीच पूरी रात रूक-रूक कर फायरिंग होती रही। आंतकियों के परिसर में
घुसने के बाद कम से कम पांच धमाकों की आवाज सुनी गई। शुरू में आतंकियों के कुछ
लोगों को बंधक बनाने की खबर आई थी।
ताजा हमला ऐसे समय में हुआ है, जब इससे चंद घंटे पहले ही क्वेटा के दक्षिण में तकरीबन 145
किमी दूर सूरब कस्बे में बंदूकधारियों ने दो कस्टम अधिकारियों की गोली मारकर हत्या
कर दी और तीसरे को घायल कर दिया। स्थानीय पुलिस के एक
प्रवक्ता जैनुल्लाह बलोच ने बताया कि मोटरसाइकिल पर सवार बंदूकधारियों ने कस्टम
अधिकारियों को निशाना बनाया। दोनों अधिकारियों की मौके पर ही मौत हो गई। तीसरे
शख्स को गंभीर हालत में अस्पताल पहुंचाया गया है।
इससे पहले सोमवार सुबह
मोटरसाइकिल पर सवार दो बंदूकधारियों ने उत्तरी खैबर पख्तूनखवा प्रांत के पुलिस
इंटेलीजेंस ऑफीसर की गोली मारकर हत्या कर दी। स्थानीय पुलिस अधिकारी खालिद खान ने
बताया कि घटना के बाद हमलावर फरार हो गए। इस हमले की पाकिस्तानी तालिबान ने
जिम्मेदारी ली है। इस आतंकी समूह के प्रवक्ता मोहम्मद खुरासानी ने एक बयान में कहा
कि हमलावर घटना को अंजाम देने के बाद सुरक्षित ठिकानों पर लौट आए।
इससे पहले, अगस्त महीने में क्वेटा के
अस्पताल में हुए आत्मघाती हमले में 73 लोगों की मौत हो गई थी। इस्लामिक स्टेट और
पाकिस्तान तालीबान ने इस हमले की जिम्मेदारी ली थी। मृतकों में शहर के कई वकील भी
शामिल थे।
उल्लेखनीय है कि बलूचिस्तान प्रांत
पाकिस्तान और चीन के सहयोग से विकसित हो रहे पीपीईसी(चाइना-पाकिस्तान इकॉनमिक
कॉरिडोर) में आता है। पाकिस्तान यह आरोप लगाता रहा है कि भारत इस इंफ्रास्ट्रक्टर
प्रोजेक्ट के खिलाफ साजिश के तहत आतंकी घटनाओं को बढावा दे रहा है।
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