सोमवार, 3 अक्टूबर 2016

दो संदिग्ध नाव कराची से भारत के लिए रवाना, 26/11 जैसे हमले की आशंका

Pic Courtesy : Indian Coast Guard
अहमदाबाद : नियंत्रण रेखा के पार पाकिस्तान के कब्जे वाले इलाके में भारतीय फौज द्वारा की गयी सर्जिकल स्ट्राइक के बाद ऐसा लगता है कि सरहद पार बौखलाहट अपने चरम पर है। रविवार को पोरबंदर में एक संदिग्ध नाव पकड़े जाने के बाद मल्टी एजेंसी सेंटर (एमएसी) ने गुजरात सहित पाकिस्तानी सीमा से सटे राज्यों को चेतावनी जारी करते हुए कहा है कि कराची से 2 संदिग्ध नाव भारत के लिए रवाना हो चुकी हैं जो गुजरात या महाराष्ट्र की तरफ बढ़ रही है।

खुफिया एजेंसियों ने मुंबई में हुए 26/11 हमले की तर्ज पर दूसरे आतंकी हमले की आशंका जताई है। उल्लेखनीय है कि 2008 में भी पाकिस्तान से नाव के जरिए मुंबई पहुंचे कुछ आतंकियों ने ताज महल पैलेस होटल समेत कई जगहों पर एक साथ कत्लेआम मचाया था, जिसमें करीब 160 लोगों की जान चली गई थी।
खुफिया इनपुट्स में इस नाव की लंबाई और चौड़ाई भी बताई गयी है। साथ ही इस बात की भी जानकारी दी गयी है कि इसमें से एक नाव में कुछ तकनीकी गड़बड़ी आ गयी है जबकि दूसरी नाव बिल्कुल सही हालत में है और फिलहाल पाकिस्तानी समुद्री सीमा में है।
वरिष्ठ अधिकारियों ने बताया कोस्टगार्ड के अधिकारी पहले से चौकस हैं और इसी चौकसी का नतीजा है कि रविवार को पोरबंदर में एक पाकिस्तानी नाव को 9 क्रू मेंबर्स के साथ पकड़ा गया था। प्रथम दृष्टया ऐसा लग रहा है कि यह मछली पकड़ने वाली नाव हो सकती है। हालांकि उसमें सवार सभी लोगों से सुरक्षा की दृष्टि से पोरबंदर में पूछताछ की जा रही है।
एक अंग्रेजी अखबार के मुताबिक, खुफिया जानकारियों को कोस्ट गार्ड और नौसेना के साथ शेयर किया गया है और इसी के तहत समुद्री सीमा की सुरक्षा बढ़ा दी गयी है। राज्य की सुरक्षा एजेंसियों को भी गुजरात के सीमावर्ती जिलों पर निगरानी रखने को कहा गया है तांकि आतंकी हमले या घुसपैठ की किसी भी कोशिश या कोई अप्रिय घटना से निपटा जा सके। गुजरात के पश्चिमी कच्छ, पूर्वी कच्छ, पाटन और बानसकांठा में सुरक्षा व्यवस्था को बढ़ा दिया गया है।

पुलिस के आला अधिकारियों के मुताबिक, सीमावर्ती 22 चेकपोस्ट्स को अलर्ट करने के अलावा यहां सीमा सुरक्षा बल, सेना तथा नौसेना को भी तैनात कर दिया गया है। एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने बताया, "चार जिलों में 16 ऐसे रूट्स (मार्गों) की पहचान की गयी है जो बेहद ही संवेदनशील हैं। सात रूट्स पश्चिमी कच्छ में हैं जहां 14 ऊंट वाले गश्ती दलों (कैमल पट्रोल पार्टीज) को तैनात किया गया है जो घुसपैठियों के पदचिह्नों की पहचान करने में महारत रखते हैं। इसी तरह पूर्वी कच्छ के चार रूट्स, पाटन के दो रूट्स और बानसकांठा के तीन रूट्स पर इन ऊंट वाले गश्ती दलों को तैनात किया गया है।"

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