शनिवार, 8 अक्टूबर 2016

सबसे चुनौती भरा है वाराणसी मेट्रो का काम – श्रीधरन

 Photo Courtesy : TOI
वाराणसी : मेट्रो मैन के नाम से मशहुर ई.श्रीधरन ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के संसदीय क्षेत्र वाराणसी में मेट्रो संचालन को दुनिया का सबसे मुश्किल प्रोजेक्ट बताया है। वाराणसी में आज प्रस्तावित मेट्रो रूट के निरीक्षण के लिए पहुंचे ई. श्रीधरन ने कहा कि वाराणसी में प्रस्तावित मेट्रो का निर्माण कार्य सबसे अधिक चुनौतीपूर्ण और कठिन होगा क्योंकि वाराणसी दुनिया का सबसे पुराना शहर है। उन्होंने कहा कि शहर की सड़कें संकरी हैं, पुराने निर्माण हैं, कई अवरोध हैं। ऐसे में बीच शहर से मेट्रो निकालना बेहद कठिन है मगर इसे बनाया जाएगा। हालांकि उन्होंने कहा कि वो हर चुनौती स्वीकार करते हुए इस परियोजना को आकार देंगे।
होटल गेटवे में मीडिया से अनौपचारिक बातचीत में उन्होंने कहा कि बनारस में मेट्रो का काम चुनौती भरा है। उन्होंने कहा कि दूसरे शहरों के मुकाबले बनारस थोड़ा अलग है। यहां घनी आबादी है और बिजली, सीवर एवं अन्य योजनाओं पर भी यहां काम चल रहा है। इसलिए मेट्रो का काम शुरू करने से पहले तकनीकी पक्ष पर खास जोर है। इसके बाद ही काम कब और कैसे शुरू होगा इस पर फैसला किया जाएगा।
प्रस्तावित मेट्रो रूट का निरीक्षण करने के बाद ई. श्रीधरन ने बताया कि 'काशी मेट्रो' का काम दिन में संभव नहीं है। यहां पर इस प्रोजेक्ट पर रात में ही काम किया जाएगा। उन्होंने कहा कि यहां पर चार वर्ष में एक कारीडोर तथा छह वर्ष में दो कारीडोर तैयार हो जाएंगे। सारनाथ साइड में रूट बढ़ाया गया है। कई जगहों पर भूमिगत रूट जाएगा। श्रीधरन मेट्रो का काम शुरू करने के पहले यहां इसके तकनीकी पहलुओं की स्थलीय जांच करेंगे। उसके बाद काम शुरू का करने का फैसला लिया जाएगा। वह देखंगे कि मेट्रो के दोनों कॉरीडोर कहां से गुजरेंगे। कहां स्टेशन और टर्मिनल बनाया जाएगा। सके बाद ही काम कब और कैसे शुरू होगा इस पर फैसला किया जाएगा।
ई. श्रीधरन के साथ कमिश्नर नितिन रमेश गोकर्ण, लखनऊ मेट्रो कॉरपोरेशन के एमडी कुमार केशव, राइट्स के एजीएम पीयूष कंसल, सूबे के टाऊन प्लानर रवि जैन, वीडीए उपाध्यक्ष पीसी श्रीवास्तव, सचिव एमपी सिंह ने प्रोजेक्ट के डीपीआर पर विचार किया। 

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