मंगलवार, 4 अक्टूबर 2016

पाकिस्तान को ‘आतंकवाद का प्रायोजक’ घोषित करने वाली याचिका को व्हाइट हाउस ने रोका

PIC Courtesy : White House

वाशिंगटन: पाकिस्तान को 'आतंकवाद का प्रायोजक देश' घोषित करने की मांग को लेकर दाखिल याचिका को व्हाइट हाउस की वेबसाइट ने फिलहाल रोक लिया है। व्हाइट हाउस के मुताबिक इस याचिका को इसलिए अर्काइव में डाल दिया गया है क्योंकि यह दस्तखतों की जरूरत को पूरा नहीं कर पाई। इससे पहले व्हाइट हाउस ने इस पर हस्ताक्षर स्वीकार करने भी बंद कर दिए थे।
व्हाइट हाउस ने सोमवार को बताया कि पाकिस्तान के खिलाफ दायर याचिका को अर्काइव में डाल दिया गया है, क्योंकि इसने 'हस्ताक्षर संबंधी जरूरतों' को पूरा नहीं किया है। याचिका पृष्ठ पर इसके बारे में क्लोज्ड पिटीशन यानि बंद कर दी गई याचिका लिखा है। व्हाइट हाउस ने घोषणा में लिखा, "इस पेटिशन को आर्काइव कर दिया गया है, क्योंकि यह दस्तखतों की ज़रूरत को पूरा नहीं कर पाई... अब इस पर दस्तखत नहीं किए जा सकते...।" इस याचिका पर रोक लगाने को लेकर व्हाइट हाउस ने इसके अलावा और कोई ब्योरा नहीं दिया है।
दरअसल, इस याचिका पर कुछ ही दिनों में रिकॉर्ड पांच लाख हस्ताक्षर आ गए थे। यह आंकड़ा ओबामा प्रशासन से जवाब प्राप्त करने के लिए हस्ताक्षरों की जरूरी संख्या से पांच गुना अधिक हैं।
आमतौर पर इस तरह की याचिका पर हस्ताक्षर करने का विकल्प एक महीने तक उपलब्ध रहता है। लगता है कि कुछ हस्ताक्षरों ने भागीदारी की शर्तो को पूरा नहीं किया होगा। इसके बाद इस पर रोक लगाई गई होगी। बहुत संभव है कि धोखाधड़ी के सुबूत मिलने पर कुछ हस्ताक्षरों को याचिका से हटाया जा सकता है। पाकिस्तान के खिलाफ यह याचिका 21 सितंबर को दाखिल की गई थी। याचिका पर व्हाइट हाउस के जवाब के लिए 30 दिनों में एक लाख हस्ताक्षर की जरूरत थी, ये आंकड़ा एक सप्ताह में ही पूरा हो गया था। वैसे, ओबामा प्रशासन अब भी 60 दिन में याचिका पर जवाब दे सकता है.
यह याचिका आर.जी. नामक शख्स ने 21 सितंबर को शुरू की थी, और व्हाइट हाउस से इस पर आधिकारिक जवाब हासिल करने के लिए 30 दिन में एक लाख दस्तखत पाना ज़रूरी था। एक लाख दस्तखत इस याचिका पर एक सप्ताह में ही आ गए थे, और फिर दो हफ्ते से भी कम वक्त में दस्तखतों की संख्या पांच लाख पार कर गई।
इस याचिका से पहले, आतंकवाद पर कांग्रेस की उपसमिति के अध्यक्ष टेड पो ने भी कांग्रेस के एक और साथी सदस्य डाना रोहराबेकर के साथ मिलकर याचिका एचआर 6069 (पाकिस्तान स्टेट स्पॉन्सर ऑफ टेररिज़्म डेज़िगनेशन एक्ट) पेश की थी।
उधर, व्हाइट हाउस की वेबसाइट पर एक और याचिका डाली गई। ये पाकिस्तान समर्थकों की ओर से डाली गई है। इसमें दावा किया गया है कि भारत 'अपने पड़ोसी देशों में आतंकवाद फैलाने में शामिल है।

कोई टिप्पणी नहीं: